
भागलपुर | शनिवार, 2 अगस्त 2025: भाजपा महिला मोर्चा की ओर से शनिवार को भागलपुर में सावन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। होटल युवराज परिसर में आयोजित इस उत्सव में भक्ति, संस्कृति और हरियाली का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में जिले भर से आईं सैकड़ों महिलाओं ने हरी साड़ी और पारंपरिक वेशभूषा में सजकर सावन की छटा बिखेरी।
महिला मोर्चा की शक्ति, सावन में उतरी संस्कृति
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूजा मिश्रा, उषा वाजपेयी और सजल झा रहीं। उन्होंने सावन की सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए हरियाली बचाने और भक्ति के साथ पर्यावरण रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।
पूजा मिश्रा ने कहा—
“सावन सिर्फ भक्ति नहीं, प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण को सहेजने का भी महीना है। भोलेनाथ के इस प्रिय मास में हर घर, हर आंगन को हरियाली से सजाना ही असली श्रद्धा है।”
गीत, झूले और संस्कृति की छाया में सजी शाम
इस महोत्सव में उपस्थित महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को जीवंत कर दिया। सावन के झूले, मेहंदी और पारंपरिक श्रृंगार के साथ माहौल पूरी तरह हरियाली और उत्सव में डूबा रहा।
उषा वाजपेयी ने कहा—
“अगर बहनें झूला न झूले, तो सावन अधूरा लगता है।”
यह वक्त केवल प्रकृति से जुड़ने का नहीं, अपनों से जुड़ाव और महिला-सशक्तिकरण का भी होता है।
“हरियाली धरती का श्रृंगार है” — सुनीता गोस्वामी
भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सुनीता गोस्वामी ने स्वागत भाषण में कहा—
“धरती को हरियाली से सजाना ही सच्चा सावन है।”
उन्होंने महिलाओं से पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक भागीदारी को लेकर आगे आने का अनुरोध किया।
नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
महोत्सव में भागलपुर विधानसभा प्रवासी शिवांगी सिंह शिकरबार, आशा ओझा, आशीष वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार, पवन मिश्रा, प्रीति शेखर, माला सिंह, राजीव मुन्ना, योगेश पांडे, उमाशंकर, नितेश सिंह, अनामिका ठाकुर, नीतू सिंह, रिंकू वर्मा, स्वेता सिंह, रेखा साह, पम्मी अम्बास्ता, प्रीति पांडे, संगीता सिन्हा, अनुपमा सिंह, अनीता सरकार, पिंकी कुशवाहा, वविता सिंह, रीता गुप्ता सहित महिला मोर्चा की सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहीं।
भक्ति और संस्कृति से सराबोर यह आयोजन भाजपा महिला मोर्चा के सामाजिक जुड़ाव और महिला सशक्तिकरण की भावना को प्रतिबिंबित करता है। सावन की उमंग में डूबा यह आयोजन महिला नेतृत्व को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ।


