सतना/वृंदावन | 2 अगस्त 2025: मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। वृंदावन के प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी एक युवक ने फेसबुक पोस्ट के जरिए दी, जिसमें उसने संत का “गला काटने” जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी की। पोस्ट वायरल होने के बाद सतना-रीवा अंचल के श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों में आक्रोश फैल गया है। युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
सोशल मीडिया पोस्ट से मचा बवाल
धमकी देने वाला युवक सतना निवासी शत्रुघ्न सिंह है, जिसने 31 जुलाई को एक फेसबुक कमेंट में संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचन पर आपत्ति जताते हुए लिखा—
“मेरे घर के बारे में बोलता तो प्रेमानंद होता या कोई और, मैं उसका गला काट देता।”
यह टिप्पणी तेजी से वायरल हुई और समाज के विभिन्न वर्गों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। कई यूजर्स ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता और संतों की गरिमा पर हमला बताया है।
पुलिस ने कहा – शिकायत मिली, होगी कार्रवाई
फेसबुक पोस्ट के बाद रीवा और सतना में धार्मिक संगठनों ने संबंधित युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि मामले की शिकायत उन्हें मिली है और जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संत प्रेमानंद महाराज का वीडियो हुआ था वायरल
हाल ही में संत प्रेमानंद महाराज का एक प्रवचन वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे युवाओं को संयम और मर्यादित जीवन जीने की सलाह देते दिखे। उन्होंने कहा था—
“आजकल ब्वॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड, ब्रेकअप और पैचअप का चलन बढ़ गया है, जिससे युवा भटक रहे हैं।”
इसी बयान पर शत्रुघ्न सिंह ने प्रतिक्रिया में विवादास्पद टिप्पणी की थी।
संत प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता
संत प्रेमानंद महाराज वृंदावन के लोकप्रिय संतों में गिने जाते हैं। उनके प्रवचन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों बार देखे जा चुके हैं। वे केवल आध्यात्मिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन में कर्तव्य पालन और अनुशासन को भी महत्त्व देते हैं।
प्रवचन के दौरान उन्होंने यह भी कहा था—
“जो लोग सारा काम छोड़कर भक्ति करना चाहते हैं, वे भक्त नहीं, कामचोर हैं। भगवान की भक्ति जरूरी है लेकिन जीवन के कर्तव्यों का निर्वहन उससे भी अधिक जरूरी है।”
सोशल मीडिया पर संतों के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर अब कानूनी और सामाजिक चेतना दोनों बढ़ रही है। यदि आरोपी युवक पर जल्द कार्रवाई नहीं होती, तो यह धार्मिक असहिष्णुता के मामलों को और बढ़ावा दे सकता है।


