
पटना, 2 अगस्त 2025: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को 01 अणे मार्ग से पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) और यातायात थानों के लिए आवंटित 71 नए पुलिस वाहनों का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने खुद हरी झंडी दिखाकर सभी वाहनों को रवाना किया। इन वाहनों को बिहार के विभिन्न जिलों में भेजा जाएगा, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और शहरों में ट्रैफिक नियंत्रण एवं सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
नवीन ट्रैफिक वाहनों से बढ़ेगी मॉनिटरिंग और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण
मुख्यमंत्री ने लोकार्पण से पहले वाहनों का निरीक्षण किया और उनकी कार्य प्रणाली की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने कहा कि इन वाहनों की उपलब्धता से पुलिसिंग की कार्यक्षमता और दक्षता में इजाफा होगा, जिससे कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा:
“राज्य के जिलों में यातायात प्रबंधन को लेकर जो चुनौतियाँ हैं, उनमें ये वाहन उपयोगी सिद्ध होंगे। ट्रैफिक मॉनिटरिंग, नियम पालन और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।”
हर जिले की ट्रैफिक यूनिट को मिलेगा लाभ
इन नए वाहनों को राज्य के प्रमुख ट्रैफिक हॉटस्पॉट और शहरी क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। इससे न केवल रियल टाइम निगरानी और गति नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि इमरजेंसी रेस्पॉन्स टाइम भी बेहतर होगा।
पौधारोपण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ, डीजीपी ने किया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक हरित पौधा भेंटकर स्वागत किया। इसके बाद सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में लोकार्पण कार्यक्रम शुरू हुआ।
अनेक वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, यातायात एडीजी सुधांशु शेखर, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार व कुमार रवि, गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नई दिशा में ट्रैफिक प्रबंधन की पहल
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार लगातार यातायात प्रबंधन को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रयासरत है। 71 ट्रैफिक वाहन इसके क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होंगे और इससे राज्यभर में सड़क सुरक्षा, निगरानी और नियमों के पालन में नई मजबूती आएगी।


