
भागलपुर, 2 अगस्त 2025: बिहार सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं जनकल्याण की दिशा में एक और उल्लेखनीय पहल की गई है। अब सिपाही प्रशिक्षण केंद्रों में ‘जीविका दीदी की रसोई’ के माध्यम से नव नियुक्त पुलिस कर्मियों को शुद्ध, पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल से न केवल पुलिस कर्मियों को बेहतर खानपान मिलेगा, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को स्थायी रोजगार भी सुनिश्चित हो रहा है।
नाथनगर सिपाही प्रशिक्षण केंद्र में हुआ शुभारंभ
भागलपुर के नाथनगर स्थित सिपाही प्रशिक्षण केंद्र में बुधवार को “सुंदर जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ” द्वारा संचालित ‘जीविका दीदी की रसोई’ का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस रसोई में 70 से अधिक जीविका दीदियाँ प्रतिदिन 1000 से अधिक प्रशिक्षु सिपाहियों के लिए भोजन तैयार करेंगी।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य सह पुलिस अधीक्षक एवं जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
पुलिस अधीक्षक की सराहना
पुलिस अधीक्षक ने कहा,
“प्रशिक्षण ले रहे सिपाहियों को समय पर, संतुलित और स्वच्छ भोजन देना हमारी प्राथमिकता है। हमें विश्वास है कि जीविका दीदियाँ पूरी निष्ठा से यह कार्य करेंगी। दीदी की रसोई में बना भोजन केवल पेट नहीं भरेगा, बल्कि इन कर्मियों को घर जैसा स्वाद और आत्मीयता भी देगा।”
नवगछिया में भी रसोई शुरू
इससे पहले 29 जुलाई (सोमवार) को पुलिस लाइन, नवगछिया में भी जीविका दीदी की रसोई की शुरुआत हो चुकी है। यहाँ श्रृष्टि जीविका महिला संकुल संघ की 24 महिलाएं 260 पुलिस प्रशिक्षुओं के लिए भोजन तैयार कर रही हैं।
भागलपुर जिले में कुल 8 दीदी की रसोई
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक के अनुसार,
- वर्तमान में भागलपुर जिले में कुल 8 जीविका दीदी की रसोई सक्रिय हैं
- इनमें सिपाही प्रशिक्षण केंद्र, नाथनगर
- पुलिस लाइन, नवगछिया
- सरकारी अस्पतालों
- एवं डाॅ. अम्बेडकर अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालयों में रसोई संचालन शामिल है
- इन रसोइयों से 200 से अधिक दीदियों को रोजगार मिला है
उन्होंने बताया कि जल्द ही पुलिस लाइन, भागलपुर में भी दीदी की रसोई शुरू की जाएगी।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल: जीविका दीदी
‘दीदी की रसोई’ केवल एक रसोई योजना नहीं, बल्कि महिला आत्मनिर्भरता और सामाजिक बदलाव की एक सशक्त मिसाल है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ये महिलाएं अब राज्य के महत्वपूर्ण संस्थानों की खाद्य आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था का हिस्सा बन चुकी हैं।
इन रसोइयों के माध्यम से दीदियाँ न सिर्फ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज में बदलाव की प्रेरणा भी बन रही हैं।
मुख्य तथ्य संक्षेप में:
- नाथनगर और नवगछिया पुलिस केंद्रों में दीदी की रसोई शुरू
- 1000+ प्रशिक्षु सिपाहियों को प्रतिदिन भोजन
- 200+ जीविका दीदियों को मिला सीधा रोजगार
- भागलपुर जिले में कुल 8 रसोई संचालित
- महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम


