
आशा को अब ₹3000 और ममता को ₹600, भागलपुर सहित पूरे बिहार में खुशी की लहर
भागलपुर:बिहार सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभा रही आशा और ममता कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए इन दोनों वर्गों की प्रोत्साहन राशि में भारी बढ़ोतरी की है।
अब तक:
- ममता कार्यकर्ताओं को ₹300 मिलते थे, जिसे बढ़ाकर ₹600 कर दिया गया है।
- आशा कार्यकर्ताओं को ₹1000 मिलते थे, जिसे बढ़ाकर ₹3000 कर दिया गया है।
भागलपुर में खुशी की लहर
इस फैसले के बाद भागलपुर सदर अस्पताल में कार्यरत आशा और ममता कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने इसे अपने सेवाभाव और मेहनत का सम्मान बताया और सरकार के प्रति आभार जताया।
एक आशा कार्यकर्ता ने कहा:
“अब हमें आर्थिक राहत मिलेगी और हम और ज़्यादा उत्साह के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर पाएंगे।”
क्या है इनका योगदान?
बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में आशा और ममता कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण, प्रसव, स्वास्थ्य जागरूकता और मातृ-शिशु देखभाल जैसी सेवाओं में सबसे अग्रणी पंक्ति में खड़ी होती हैं। लाखों की संख्या में ये कार्यकर्ता राज्य के कोने-कोने में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनी हुई हैं।
राज्यभर के लाखों कार्यकर्ताओं को होगा लाभ
सरकार के इस निर्णय से राज्यभर की लाखों आशा और ममता कार्यकर्ताओं को सीधा फायदा होगा। यह न सिर्फ उनके कार्य के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा।


