पटना एम्स में बवाल! विधायक चेतन आनंद से धक्का-मुक्की, 30 मिनट तक कमरे में बंधक, समर्थकों में आक्रोश

पटना | 31 जुलाई 2025: राजधानी पटना के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में बुधवार की रात हंगामा, धक्का-मुक्की और बंधक बनाने का हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। मामला जुड़ा है बिहार की राजनीति के चर्चित चेहरे और बाहुबली नेता आनंद मोहन के बेटे, शिवहर के विधायक चेतन आनंद से।

रात 12 बजे के करीब चेतन आनंद एम्स में एक मरीज से मिलने पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल के सुरक्षाकर्मी से कहासुनी इस कदर बढ़ी कि देखते ही देखते विधायक को आधे घंटे तक एक कमरे में बंद कर दिया गया


विधायक ने कहा – “जनप्रतिनिधि को बंधक बना लिया गया”

घटना के बाद चेतन आनंद ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई और दावा किया कि अस्पताल में उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और फिर बंधक बनाने जैसी शर्मनाक हरकतें की गईं।

“मैं अपने क्षेत्र के एक मरीज से मिलने आया था, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने मेरे साथ अपराधियों जैसा सलूक किया। मुझे 30 मिनट तक कमरे में बंद कर रखा गया। क्या अब एक विधायक को भी अस्पताल में सुरक्षा नहीं?”
— चेतन आनंद, विधायक, शिवहर


विधायक समर्थकों में उबाल, एम्स परिसर में तनाव

जैसे ही यह खबर फैली, चेतन आनंद के समर्थकों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। कुछ देर के लिए एम्स परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों के बीच भी तीखी नोकझोंक की खबर है।

एम्स प्रशासन ने घटना को गंभीर मानते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है, जबकि पुलिस ने दोनों पक्षों से बयान दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।


बैकग्राउंड: बाहुबली परिवार से ताल्लुक, विधायक की साख पर सवाल

चेतन आनंद बिहार के सबसे चर्चित बाहुबली नेताओं में शुमार आनंद मोहन के बेटे हैं। वे 2020 में राजद के टिकट पर शिवहर से विधायक चुने गए थे। बाद में उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली, जबकि उनकी मां लवली आनंद जदयू सांसद बनीं।

इस घटना को लेकर कई राजनीतिक हलकों में साजिश की भी चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे जानबूझकर विधायक को फंसाने या अपमानित करने की कोशिश भी मान रहे हैं।


ऐसी घटना पहले भी हो चुकी है – मनीष कश्यप के साथ

गौरतलब है कि पटना एम्स में VIP से टकराव कोई नई बात नहीं है। कुछ साल पहले यूट्यूबर मनीष कश्यप के साथ भी एम्स में मारपीट और धक्का-मुक्की हुई थी। वह भी मरीज से मिलने पहुंचे थे और बाद में उन्होंने भाजपा से इस्तीफा देकर जन सुराज आंदोलन का रुख किया था।


अब सवाल उठता है…

  • क्या बिहार में VIP को अस्पताल में भी इज्जत नहीं मिलती?
  • क्या सुरक्षाकर्मी कानून से ऊपर हैं?
  • या यह कोई राजनीतिक स्क्रिप्टेड तमाशा था?

इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और एम्स प्रशासन की रिपोर्ट पर टिकी है। लेकिन एक बात तय है — पटना एम्स अब केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि VIP ड्रामे का नया अखाड़ा बनता जा रहा है।


 

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