भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (मायागंज अस्पताल) में इलाज के लिए पहुंची महिला मरीज को ठगों ने शातिराना तरीके से चकमा देकर करीब 40 हजार रुपये की सोने की बाली ठग ली। पीड़िता ने घटना की जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी है, लेकिन अब तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
क्या है मामला?
नवगछिया के भवानीपुर निवासी शांति देवी बुधवार को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल आई थीं। इसी दौरान दो अज्ञात व्यक्ति उनके पास पहुंचे और पीली धातु के एक टुकड़े को सोने का बताकर खरीदने का दबाव बनाने लगे।
जब महिला ने बताया कि उसके पास पैसे नहीं हैं, तो ठगों ने उसे झांसे में लेते हुए कहा,
“इसे रख लो और बदले में अपने कान की बाली दे दो।”
भरोसा कर शांति देवी ने अपने कान की आधे भर की सोने की बाली उतारकर उन्हें दे दी। जैसे ही बाली उनके हाथ में गई, दोनों ठग मौका देखकर अस्पताल परिसर से फरार हो गए। कुछ समय बाद महिला को ठगी का एहसास हुआ और वह रोती-बिलखती अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों के पास पहुंची।
अस्पताल प्रशासन ने जांच के दिए संकेत
सुरक्षा सुपरवाइजर चंचल कुमार ने पीड़िता से लिखित शिकायत देने को कहा, लेकिन वह बिना आवेदन दिए ही लौट गईं।
वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार ने बताया कि
“घटना की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को संबंधित सीसीटीवी फुटेज खंगाला जाएगा ताकि आरोपियों की पहचान कर पुलिस कार्रवाई की जा सके।”
एक सप्ताह पहले भी हुई थी ऐसी ठगी
यह पहली घटना नहीं है। एक सप्ताह पहले भी इसी प्रकार की ठगी की वारदात अस्पताल परिसर में हुई थी।
ऐसे ठग अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाली मासूम महिलाओं को टारगेट बनाते हैं और भरोसा दिलाकर गहने या पैसे ठग लेते हैं।
क्या कहती है सुरक्षा व्यवस्था?
- अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे तो हैं, लेकिन घटनाओं के बाद ही रिकॉर्डिंग देखी जाती है।
- सुरक्षाकर्मी घटना के दौरान सक्रिय नज़र नहीं आते, जिससे ठग आसानी से निकल भागते हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि महिला मरीजों को जागरूक करने के लिए सूचना पट्ट लगाना जरूरी है।
बार-बार हो रही ठगी की घटनाएं न सिर्फ अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं, बल्कि महिला मरीजों की सुरक्षा पर भी चिंता बढ़ा रही हैं। यदि समय रहते ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ठगों का हौसला और बढ़ सकता है।


