होटलों, ढाबों, घरों और ईंट भट्ठों पर होगी छापेमारी; बाल श्रमिकों की मुक्ति के लिए जागरूकता और दंडात्मक कदम
पटना, 31 जुलाई | बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग ने राज्य को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से व्यापक अभियान शुरू किया है। अब 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ऐसे मामलों में 6 माह से 2 वर्ष तक की जेल और ₹20,000 से ₹50,000 तक जुर्माने का प्रावधान है।
राज्यभर में छापेमारी और विमुक्ति अभियान
- ईंट भट्ठों, होटल-ढाबों, अपार्टमेंट्स और घरों में काम कर रहे बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें विमुक्त कराया जाएगा।
- विशेष छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है, विशेष रूप से ईंट भट्ठों पर।
- अवैध रूप से बच्चों से काम लेने वाले घरों और दुकानों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा
श्रम विभाग द्वारा गांवों में चौपाल आयोजित कर लोगों को बाल श्रम कानून और उसकी सख्ती के बारे में बताया जा रहा है:
- ऐसे प्रतिष्ठानों का बहिष्कार करें, जहां बच्चों से काम कराया जाता है।
- स्कूली बच्चों को भी अभियान से जोड़ा गया है, ताकि बचपन में ही बाल अधिकार की समझ विकसित हो।
11 वर्षों में 2976 बच्चों को कराया गया मुक्त
- देश के अन्य राज्यों से बिहार के 2976 बच्चों को रेस्क्यू कर मुक्त कराया गया।
- सबसे अधिक हैदराबाद, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, और मध्यप्रदेश से बाल श्रमिकों को बचाया गया।
- सैकड़ों बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ा गया, जो अब सरकार की योजनाओं के तहत पढ़ाई कर रहे हैं।
हर पंचायत में बनेगी बाल संरक्षण समिति
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षक और स्वयंसेवी संस्थाएं मिलकर हर पंचायत में बाल संरक्षण समिति बनाएंगी।
- बाल अधिकार जागरूकता शिविर आयोजित होंगे, जिससे बालश्रम उन्मूलन की दिशा में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
त्योहारों और मेलों में चलेगा जागरूकता अभियान
- सोनपुर मेला, श्रावणी मेला, छठ पर्व जैसे आयोजनों में बाल श्रम, बाल विवाह, शिक्षा और बाल अधिकारों पर जागरूकता फैलाई जाएगी।
- नुक्कड़ नाटक, लोकगीत, झांकी, पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से जनसंदेश पहुंचाया जाएगा।
- सूचना बूथ, कला गतिविधियां, व्यक्तिगत कहानियां और कार्यशालाएं इस मुहिम का हिस्सा होंगी।
श्रम विभाग की अपील
बिहार सरकार ने जनता से अपील की है कि—
- 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम न कराएं।
- ऐसे किसी भी कृत्य की सूचना श्रम विभाग को दें।
- सामाजिक स्तर पर ऐसे प्रतिष्ठानों का बहिष्कार करें, जो मासूमों का बचपन छीन रहे हैं।


