
29 जुलाई 2025, नई दिल्ली:मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा देश में नीली क्रांति लाने हेतु “प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना” (PMMSY) का 20,050 करोड़ रुपए के निवेश से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई कल्याणकारी एवं संरचनात्मक पहल की गई हैं।
कल्याणकारी पहलें:
- समूह दुर्घटना बीमा योजना: 18–70 वर्ष की आयु के लाभार्थियों को मृत्यु/पूर्ण अपंगता पर ₹5 लाख, आंशिक अपंगता पर ₹2.5 लाख और अस्पताल में भर्ती पर ₹25,000 तक की सहायता।
- आजीविका सहायता: पारंपरिक मछुआरा परिवारों को मछली पकड़ने पर प्रतिबंध की अवधि में तीन माह के लिए ₹3,000 की सहायता (₹1,500 स्वयं का योगदान)।
- आपातकालीन संचार प्रणाली: 1 लाख फिशिंग वेसल्स पर ट्रांसपोंडर की स्थापना के लिए ₹364 करोड़ का निवेश किया गया है।
- फिशिंग वेसल्स के लिए बीमा सहायता, जाल/नाव की मरम्मत, और डीप सी फिशिंग के लिए आधुनिक जहाजों की खरीद के लिए वित्तीय सहयोग।
बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण पर बल:
- फिशिंग हारबर्स, लैंडिंग सेंटर, कोल्ड चेन, मार्केट नेटवर्क, और फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FFPOs) के गठन के लिए सहायता प्रदान की जा रही है।
- प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए मत्स्य समुदायों को आधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है।
सतत विकास की दिशा में:
PMMSY के अंतर्गत क्लाइमेट रेसीलियंट कोस्टल फिशरमैन विलेजेस, मॉडल कोस्टल फिशिंग विलेजेस, सी वीड फार्मिंग, मेरीकल्चर और ओरनामेंटल फिशरीस जैसे नवाचारों को बढ़ावा देकर वैविध्यपूर्ण और टिकाऊ आजीविका सुनिश्चित की जा रही है।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के दायरे में विस्तार:
- वर्ष 2018-19 से मछुआरों को KCC की सुविधा प्रदान की गई।
- वर्ष 2025-26 से KCC की ऋण सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया।
- अब तक 4,76,237 KCC जारी किए गए, जिनके माध्यम से ₹3,214.32 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है।
यह जानकारी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने 29 जुलाई 2025 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।


