बिहार में SIR अभियान का लक्ष्य: हर योग्य मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित करना

निर्वाचन आयोग ने प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले साझा की महत्वपूर्ण जानकारी

पटना/नई दिल्ली, 24 जुलाई।बिहार में Special Intensive Revision (SIR) अभियान के तहत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। इसके तहत आयोग ने राज्य के सभी राजनीतिक दलों के साथ 20 जुलाई को बूथ स्तर की मतदाता सूचियां साझा की हैं, जिनमें उन मतदाताओं के नाम शामिल हैं जिन्होंने फॉर्म नहीं भरे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से प्रवास कर चुके हैं।


1 अगस्त को होगी प्रारूप मतदाता सूची की घोषणा

SIR आदेश के अनुसार, आगामी 1 अगस्त, 2025 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यह सूची:

  • डिजिटल और प्रिंटेड फॉर्मेट में सभी 12 राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी
  • निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी

1 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1 सितंबर, 2025 तक, कोई भी निर्वाचक या राजनीतिक दल:

  • किसी योग्य मतदाता का नाम छूटने पर दावा,
  • अथवा किसी अयोग्य व्यक्ति का नाम शामिल होने पर आपत्ति दर्ज कर सकता है।

मतदाता सूची अपडेट में प्रमुख आंकड़े

अब तक आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़े:

  • 99% मतदाता कवर किए जा चुके हैं
  • 📋 7.21 करोड़ (91.32%) मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त और डिजिटाइज हो चुके हैं
  • 🧾 21.6 लाख मृत मतदाताओं के नाम BLOs द्वारा चिह्नित
  • 🌐 31.5 लाख स्थायी प्रवासी मतदाता
  • 🔁 7 लाख ऐसे मतदाता जिनका नाम एक से अधिक जगह दर्ज
  • 1 लाख मतदाता जिनका कोई ठिकाना नहीं मिल सका
  • 🗃️ 7 लाख से कम फॉर्म अब भी प्राप्त नहीं हुए

इन सभी आंकड़ों के आधार पर प्रारूप सूची तैयार की जा रही है, ताकि दावा-आपत्ति प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी हो।


BLOs और BLAs ने निभाई अहम भूमिका

BLOs (Booth Level Officers) और BLAs (Booth Level Agents) ने घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर बाकी बचे फॉर्मों की डिजिटाइजेशन का कार्य भी जारी है।


जनभागीदारी और पारदर्शिता को लेकर निर्वाचन आयोग प्रतिबद्ध

निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर दोहराया है कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

आयोग का स्पष्ट उद्देश्य है –

“हर योग्य मतदाता सूची में हो और कोई भी अपात्र नाम उसमें शामिल न रहे।”


 

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