पटना (मसौढ़ी)। अनुमंडल अस्पताल में बुधवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब एक पुलिस पदाधिकारी और अधिवक्ता के बीच मारपीट हो गई। घटना उस वक्त हुई जब पुलिस एक वारंटी कैदी को री-मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी। इसी दौरान अधिवक्ता और पुलिस के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई।
कैदी से पूछताछ कर रहे थे अधिवक्ता, पुलिस ने रोका
मिली जानकारी के अनुसार, मसौढ़ी थाना क्षेत्र के बेगमचक निवासी वारंटी चंदन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजने से पहले मेडिकल जांच के लिए अनुमंडल अस्पताल लाया गया था। इसी दौरान एक अधिवक्ता दयानंद पासवान अस्पताल पहुंचे और गिरफ्तार कैदी से पूछताछ करने लगे। पुलिस ने अधिवक्ता को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
अधिवक्ता ने दरोगा को पीटा, नाक से बहने लगा खून
विवाद बढ़ने पर मसौढ़ी थाने में पदस्थापित दरोगा अरविंद कुमार और अधिवक्ता के बीच हाथापाई हो गई। इस दौरान अधिवक्ता ने दरोगा के नाक पर मुक्का मार दिया जिससे खून बहने लगा। घटना की सूचना मिलते ही मसौढ़ी थाना से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया।
अधिवक्ता को किया गया गिरफ्तार
हंगामे के बाद अधिवक्ता दयानंद पासवान को हिरासत में लिया गया और एसडीएम के समक्ष पेश कर थाने लाया गया। पुलिस ने बताया कि अधिवक्ता गिरफ्तार कैदी का मौसेरा भाई है और वह पुलिस कार्य में बाधा पहुंचा रहा था। मना करने पर उसने हमला कर दिया।
“कैदी का मौसेरा भाई अधिवक्ता है, जो अस्पताल में पहुंच कर पुलिस के कार्य में हस्तक्षेप कर रहा था। मना करने पर उसने हमारे पदाधिकारी पर हमला कर नाक से खून निकाल दिया। मामले में उसे गिरफ्तार किया गया है।”
— अनिल कुमार, थानाध्यक्ष मसौढ़ी
गंभीर धाराओं में केस दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। वहीं, घायल दरोगा का इलाज अस्पताल में कराया गया। पूरे मामले की जांच की जा रही है और उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
यह घटना अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों ने इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने और अस्पताल परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।


