उदवंतनगर (भोजपुर)। थाना क्षेत्र के बेलाउर गांव के पास आरा-सहार मुख्य सड़क पर बुधवार सुबह अपराधियों ने सरेआम फायरिंग कर एक युवक की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया। हमले के वक्त घायल युवक के साथ उसका छह वर्षीय बेटा भी था, जो बाल-बाल बच गया।
घटना सुबह लगभग 9:30 बजे की है। मृतक की पहचान पवना थाना क्षेत्र के पवार गांव निवासी धर्मेंद्र यादव (32) के रूप में हुई है। वह अपने पड़ोसी राजू यादव और उसके बेटे को आरा रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान तीन बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें घेरकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। धर्मेंद्र को पांच गोलियां लगीं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
भागते राजू यादव पर भी चली गोली
गोली चलने के बाद राजू यादव अपने बेटे को गोद में लेकर भागने लगे, लेकिन अपराधियों ने उन्हें भी लगभग 200 मीटर पीछा कर गोली मार दी। गोली उनके जांघ में लगी। इस दौरान उनका बेटा ऋषभ हाथ से छूटकर दूर गिर गया और सुरक्षित रहा। घायल राजू को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुरानी रंजिश का शक, पुलिस जांच में जुटी
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यह हमला किसी पुराने भूमि विवाद से जुड़ा हो सकता है। पांच साल पहले पवार गांव में हत्या को लेकर दो पक्षों में विवाद था, जिसमें धर्मेंद्र यादव ने हाल ही में मध्यस्थता कर सुलह कराई थी। लोगों का मानना है कि उसी रंजिश का नतीजा यह हमला हो सकता है।
परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल, सड़क जाम
घटना की जानकारी मिलते ही धर्मेंद्र के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और शव के साथ सड़क जाम कर दिया। परिजनों ने हत्या में शामिल अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। करीब तीन घंटे चले प्रदर्शन के बाद पुलिस और राजद नेता मुकेश यादव के हस्तक्षेप से जाम हटाया गया।
धर्मेंद्र थे परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य
धर्मेंद्र यादव के दो बेटे और एक बेटी हैं। तीनों स्कूली छात्र हैं। धर्मेंद्र ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठाते थे। उनकी पत्नी गृहणी हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, आरोपियों की तलाश शुरू
पुलिस ने इस मामले में अज्ञात तीन अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। घटनास्थल पर छानबीन के बाद पुलिस ने बताया कि हमलावर गांव से ही पीछा कर रहे थे और जैसे ही सड़क खाली मिली, उन्होंने हमला कर दिया। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।


