पटना। बिहार विधानसभा का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होगा। यह 17वीं विधानसभा का अंतिम सत्र होगा, ऐसे में राजनीतिक गतिविधियों और बहसों के लिहाज से यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव का अभिभाषण होगा और उसके बाद सरकार की ओर से अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
क्या होगा सत्र में खास?
सत्र के दौरान सरकार की ओर से 7 से 8 विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें कौशल विश्वविद्यालय के गठन और श्रम संसाधन विभाग से जुड़े सामाजिक सुरक्षा संबंधी विधेयक शामिल हैं।
22 और 23 जुलाई को विभिन्न राजकीय विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे। 24 जुलाई को अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी, और 25 जुलाई को सत्र का समापन होगा जिसमें गैर-सरकारी संकल्पों पर बहस होगी।
सत्ता और विपक्ष की रणनीति
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि यह विधानसभा का अंतिम सत्र है, इसलिए सभी दलों की कोशिश होगी कि अपने क्षेत्र की जनता को कोई ठोस संदेश दें। एनडीए एकजुटता का प्रदर्शन करेगा, वहीं विपक्ष सरकार को कानून-व्यवस्था, अपराध और मतदाता पुनरीक्षण जैसे मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।
हंगामेदार हो सकता है सत्र
वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि हाल की आपराधिक घटनाओं को लेकर विपक्ष सदन में सरकार पर तीखा हमला करेगा। चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।
सरकार की तैयारी पूरी
विधान परिषद और विधानसभा दोनों में एनडीए के पास बहुमत है, जिससे जरूरी विधायी कार्य निपटाए जा सकेंगे। जेडीयू और बीजेपी के नेताओं ने दावा किया है कि सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने को तैयार है।


