13000 किमी की पैदल यात्रा पर निकले 24 वर्षीय सुधांशु पहुंचे सुल्तानगंज, 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का लिया संकल्प

भागलपुर/सुल्तानगंज, 20 जुलाई 2025: भगवान शिव की भक्ति में लीन एक युवा श्रद्धालु की कहानी इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के रहने वाले 24 वर्षीय सुधांशु कुशवाहा 13000 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकले हैं, जिसमें वे देश के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में वह सावन महीने में बिहार के सुल्तानगंज पहुंचे, जहां उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान कर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए कांवड़ यात्रा प्रारंभ की।


महाकाल के सपने से शुरू हुई यात्रा

सुधांशु कुशवाहा ने बताया कि सावन 2023 में उन्हें भगवान महाकालेश्वर के दर्शन सपने में हुए। इसके ठीक तीन महीने बाद 1 नवंबर 2023, करवा चौथ के दिन उन्होंने अपने घर से इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत की। यह यात्रा उन्होंने उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से शुरू की और अब तक वे 10 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुके हैं।


21 महीने में तय किए 5000 किलोमीटर, अभी और 4000 किमी शेष

अब तक 5000 किलोमीटर पैदल यात्रा पूरी कर चुके सुधांशु का लक्ष्य है कि वे कुल 13000 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे। उन्होंने बताया कि वह रोजाना 30-32 किमी पैदल चलते हैं और रात होने पर मंदिर, धर्मशाला या ढाबे में रुकते हैं। यात्रा के दौरान उन्हें कई स्थानों पर स्थानीय लोगों से भोजन और सहयोग भी मिलता है।


अब बाबा बैद्यनाथ और फिर केदारनाथ का दर्शन

सुल्तानगंज से सुधांशु उत्तरवाहिनी गंगा जल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम जा रहे हैं। यह उनकी यात्रा का 11वां ज्योतिर्लिंग होगा। इसके बाद वे उत्तराखंड के केदारनाथ धाम की ओर बढ़ेंगे, जो उनकी इस भक्ति यात्रा का अंतिम पड़ाव होगा।


सनातन संस्कृति को जगाने का उद्देश्य

सुधांशु का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के मूल्यों से जोड़ने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से उन्होंने यह कठिन यात्रा शुरू की है। वे चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग धर्म, सेवा और संयम के महत्व को समझें।


इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होगी यात्रा

सुधांशु ने बताया कि उन्होंने अपनी इस पदयात्रा को India Book of Records में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया है। यात्रा पूरी होने के बाद उन्हें सर्टिफिकेट और मेडल मिलने की संभावना है।


भक्ति, साहस और साधना की मिसाल

सुधांशु कुशवाहा की यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, आत्मबल और सामाजिक संदेश का प्रतीक बन चुकी है। उनकी इस यात्रा ने कई युवाओं को प्रेरित किया है कि वे अपने जीवन में सकारात्मक सोच और अनुशासन को अपनाएं।


📍 अब तक दर्शन किए गए 10 ज्योतिर्लिंग:

  1. महाकालेश्वर (उज्जैन, मप्र)
  2. ओंकारेश्वर (खंडवा, मप्र)
  3. भीमाशंकर (महाराष्ट्र)
  4. त्र्यंबकेश्वर (नाशिक, महाराष्ट्र)
  5. घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र)
  6. मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश)
  7. रामेश्वरम् (तमिलनाडु)
  8. नागेश्वर (गुजरात)
  9. सोमनाथ (गुजरात)
  10. काशी विश्वनाथ (वाराणसी, यूपी)

👉 11वां – बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर, झारखंड)
👉 12वां – केदारनाथ (उत्तराखंड)


 

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