पटना, 20 जुलाई 2025: राजधानी पटना के बाढ़ अनुमंडल स्थित अलखनाथ घाट पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक वृद्ध दंपती ने उफनती गंगा में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों की तत्परता से पति को बचा लिया गया, लेकिन महिला गंगा की तेज धार में बह गई। फिलहाल एनडीआरएफ की टीम महिला की तलाश में जुटी है।
पहचान और पारिवारिक कारण
डूबने की कोशिश करने वाले दंपती की पहचान धीरज चौधरी और मालती देवी के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से नालंदा जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र के मोलदियार बीघा गांव के निवासी हैं।
धीरज चौधरी ने बताया कि उनका बड़ा बेटा अक्सर उनके साथ मारपीट करता था और विरोध करने पर भोजन-पानी तक बंद कर दिया गया। बेटे ने पारिवारिक जमीन भी बेच दी थी। दंपती का छोटा बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है।
तीन दिन से थे भूखे-प्यासे
पति धीरज चौधरी ने बताया कि पारिवारिक प्रताड़ना से तंग आकर दोनों घर छोड़कर बाढ़ पहुंचे थे और पिछले तीन दिनों से भूखे भटक रहे थे। निराशा और तनाव में आकर उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की।
स्थानीय लोगों ने बचाई जान
घटना के समय स्थानीय लोग अलखनाथ घाट पर मौजूद थे, जिन्होंने तत्परता दिखाते हुए धीरज चौधरी को गंगा से सुरक्षित निकाल लिया। हालांकि मालती देवी को गंगा की तेज धार बहा ले गई।
रेस्क्यू अभियान जारी
फिलहाल एनडीआरएफ की टीम गंगा में लापता महिला की तलाश में जुटी है। प्रशासन ने कहा है कि महिला के मिलने तक सघन तलाशी अभियान जारी रहेगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन द्वारा तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही इस घटना की पूरी जानकारी बाढ़ अनुमंडल प्रशासन एवं नालंदा जिला प्रशासन को भेजी जा चुकी है।
नोट: इस रिपोर्ट का उद्देश्य दुखद घटना की वस्तुनिष्ठ जानकारी देना है। यदि कोई पाठक या उनका जानने वाला मानसिक तनाव, घरेलू हिंसा या प्रताड़ना से जूझ रहा है, तो उन्हें सहायता केंद्रों या स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करना चाहिए।


