पटना में गंगा का कहर: जलस्तर खतरे के पार, 78 स्कूल बंद, फसलें बर्बाद, दियारा में हालात गंभीर

पटना/खगड़िया, 16 जुलाई।बिहार में गंगा सहित अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा गंभीर रूप ले चुका है। राजधानी पटना के घाटों पर गंगा का पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है और जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दियारा क्षेत्र के 78 स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है।


पटना के घाट जलमग्न, गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर

पटना के एनआईटी घाट, दीघा घाट, गायघाट, बांसघाट और महेंद्रू घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।

  • दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर: 50.49 मीटर (खतरे के निशान से 5 सेमी ऊपर)
  • गांधी घाट: 57 सेमी ऊपर
  • हथिदह: 29 सेमी ऊपर
  • पुनपुन नदी (श्रीपालपुर घाट): 56 सेमी ऊपर
  • सोन नदी (मनेर घाट): 10 सेमी ऊपर

78 स्कूल बंद: 21 जुलाई से लागू आदेश

पटना के दियारा क्षेत्र के 78 स्कूलों को 21 जुलाई से बंद रखने का आदेश जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने दिया है।
इनमें शामिल हैं:

  • पटना सदर: 4
  • दानापुर: 42
  • मनेर: 2
  • फतुहा: 1
  • मोकामा: 1
  • बख्तियारपुर: 23
  • अथमलगोला: 1

ग्रामीणों की दुश्वारी: नाव ही सहारा, भाड़ा वसूली पर नाराज़गी

पटना के दियारा क्षेत्र में गांवों का संपर्क टूट गया है। ग्रामीण नावों के सहारे आने-जाने को मजबूर हैं। नावचालक मनमाने किराए वसूल रहे हैं।
स्थानीय निवासी राहुल राज ने कहा:

“नाव वाले मनमाना भाड़ा वसूल रहे हैं। प्रशासन को सरकारी नाव की व्यवस्था करनी चाहिए।”


किसानों की फसलें चौपट, जानवरों को भी जगह नहीं

बेलछी के किसान अंशू कुमार ने कहा:

“हमारी मक्का और भिंडी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। जानवरों को लेकर ऊँचे स्थानों पर जाना पड़ा है।”


खगड़िया में नयागांव रिंग बांध पर फिर संकट

खगड़िया जिले में भी हालात खराब हैं। परबत्ता प्रखंड के कई गांव जैसे – कबेला, माधवपुर, नयागांव, भरतखंड – बाढ़ की चपेट में हैं।
नयागांव रिंग बांध की स्थिति फिर नाजुक बनी हुई है।

  • जून में शुरू हुआ मरम्मती कार्य बाढ़ के पानी बढ़ने से अधूरा रह गया।
  • जियो बैग में मिट्टी भरने को लेकर अनियमितता के आरोप लगे हैं।
  • बांध से पेड़ काटे जाने पर ग्रामीणों में आक्रोश है।

डीएम ने किया निरीक्षण, अभियंता बोले – सिर्फ झाड़ी हटाई

जिलाधिकारी नवीन कुमार ने शनिवार की शाम बांध का निरीक्षण किया।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता राजीव भगत ने कहा:

“मैंने कोई पेड़ नहीं कटवाया है, सिर्फ झाड़ी हटवाई है। नदी में पेड़ नहीं उगते।”

वहीं ग्रामीण शैलेश कुमार और अनिल पासवान ने आरोप लगाया कि:

“डेढ़ सौ से अधिक पेड़ों को विभाग ने कटवा दिया, जिससे बांध कमजोर हुआ। मिट्टी काटकर बांध को बना रहे हैं, जो गलत है।”


भविष्य की चिंता: मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार बिहार और नेपाल क्षेत्र में अगले सप्ताह भारी बारिश की संभावना है, जिससे गंगा सहित अन्य नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है।
इससे भागलपुर, मुंगेर, बक्सर और सारण जैसे जिलों में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।


 

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