नालंदा, बिहार। जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मामला कर्ज के कारण आत्महत्या से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।
अस्पताल में इलाज के दौरान एक-एक कर गई जान
सूत्रों के अनुसार, धर्मेंद्र कुमार नामक व्यक्ति अपने परिवार के साथ जल मंदिर के समीप किराए के मकान में रहता था। शुक्रवार रात सभी को गंभीर हालत में पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (विम्स) में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी पत्नी सोनी कुमारी (38), दो बेटियां अरिका (16) और दीपा (14), तथा पुत्र शिवम कुमार (15) की मृत्यु हो गई। बाद में शनिवार देर रात धर्मेंद्र कुमार ने भी पटना के PMCH में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कथित कर्ज और मानसिक दबाव की बात आई सामने
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धर्मेंद्र ने कुछ माह पहले लगभग 5.50 लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिस पर कथित रूप से प्रतिमाह 10% ब्याज देना पड़ रहा था। बताया गया कि ब्याज और मूलधन के दबाव से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था।
पुलिस का कहना है कि धर्मेंद्र द्वारा कथित रूप से अपने परिवार को प्रसाद में जहरीली वस्तु मिलाकर खिलाने की बात सामने आ रही है, हालांकि यह पुष्टि रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
प्रसाद में मिलाकर खाई सल्फास की गोलियां
इसी सब को लेकर धर्मेंद्र ने पूरे परिवार के साथ खुदकुशी की सोची. इसके बाद प्रसाद में सल्फास की गोली मिलाकर पूरे परिवार को खिला दी. 2 बेटियों दीपा, अरिमा कुमारी ने शुक्रवार रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. वहीं देर रात मां सोनी कुमारी और बेटे शिवम की भी मौत हो गई.
70 रुपए में खरीदी थी सल्फास की गोलियां
गांव के लोगों ने बताया कि जब धर्मेंद्र को लगा कि उसे हर हाल में 70 हजार रुपए महीने के चाहिए, लेकिन जब ये संभव नहीं हुआ तो उसने अपनी पत्नी सोनी कुमारी से इसकी चर्चा की. सोनी कुमारी ने कहा कि एक बार हम लोग मंदिर में बैठने वाले बाबा से बात करते हैं, उनके कुछ कर्ज लेते हैं, बात बनी तो ठीक नहीं तो हम लोग अपनी जान दे देंगे. इसके बाद शुक्रवार शाम को धर्मेंद्र अपनी दोनों बेटियों, दोनों बेटों और पत्नी के साथ काली मंदिर पहुंचा. पहले धर्मेंद्र और पूरे परिवार ने पूजा की. प्रसाद चढ़ाया. इसके बाद बाबा से कर्ज की मांग की. बाबा ने हाथ खड़े कर दिए तो कहा कि किसी से दिलवा दीजिए, लेकिन बाबा ने फिर इनकार कर दिया.
प्रशासन की जांच जारी, स्थानीय लोगों में शोक
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पारिवारिक पृष्ठभूमि की गहनता से जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि धर्मेंद्र का परिवार शांत और मिलनसार था। इस तरह की कोई अप्रत्याशित घटना उनकी कल्पना से परे थी।
विशेषज्ञों की राय
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक दबाव और सामाजिक अपमान की भावना कई बार लोगों को असहाय बना देती है। समाज को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और मदद की पहल करनी चाहिए।
नोट: आत्महत्या एक संवेदनशील विषय है। यदि आप या आपके जानने वाले किसी तरह के मानसिक तनाव से गुजर रहे हों, तो कृपया मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें या नजदीकी सहायता हेल्पलाइन से बात करें।


