
भागलपुर | 19 जुलाई 2025भागलपुर ज़िले के कहलगांव अनुमंडल स्थित मध्य विद्यालय त्रिमुहान में एक चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आठवीं कक्षा की छात्रा रीता कुमारी को स्कूल परिसर में ही निर्दयता से पीटकर घायल कर दिया गया। घटना के बाद रीता को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, रीता कुमारी स्कूल में अपनी सहेली के साथ बात कर रही थी, तभी उसी स्कूल की छात्रा रितु कुमारी को शक हुआ कि वे उसकी शिकायत कर रही हैं। गुस्से में रितु स्कूल से निकलकर अपने घर गई और कुछ ही देर में अपनी मां के साथ स्कूल लौट आई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल आते ही रितु और उसकी मां ने रीता पर हमला बोल दिया और लात-घूंसे से बेरहमी से पीटा, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गई।
प्रशासन की चुप्पी, परिजनों का आक्रोश
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि स्कूल प्रशासन को घटना की जानकारी देर से हुई और पीड़िता के परिजनों को तत्काल सूचित नहीं किया गया।
रीता के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा,
“हमारी बेटी स्कूल में पढ़ने जाती है, उसे क्या पता था कि वहां उस पर हमला हो जाएगा? प्रशासन को कम से कम हमें तुरंत सूचना देनी चाहिए थी और मदद करनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने चुप्पी साध ली।”
इलाज और वर्तमान स्थिति
बेहोश हालत में रीता को पहले कहलगांव रेफरल अस्पताल लाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH), भागलपुर रेफर कर दिया गया है।
फिलहाल उसका इलाज जारी है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।
जांच शुरू, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दे दी गई है और जांच शुरू हो चुकी है। वहीं, इस घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में आक्रोश है।
लोगों ने स्कूल परिसर में बाहरी लोगों की घुसपैठ और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी पर सवाल उठाए हैं।
क्या कहता है यह मामला?
यह घटना न सिर्फ एक छात्रा पर कायराना हमले को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चूकें हो रही हैं।
क्या स्कूल परिसरों में निगरानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने चाहिए? और क्या बाहरी लोगों का प्रवेश रोकने के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था है?


