पटना, 19 जुलाई 2025 — राजधानी पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष रूप से सिपाही भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को रामकृष्ण नगर इलाके के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया है। इनके पास से वॉकी-टॉकी, कई अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
5 से 6 लाख रुपये में करते थे सेटिंग की डील
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ये आरोपी अब तक करीब 47 अभ्यर्थियों से 5 से 6 लाख रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से राशि ले चुके थे। हर अभ्यर्थी से एडवांस में दो लाख रुपये लिए जाते थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे 10 प्रतिशत कमीशन पर काम करते थे और मुख्य सरगना कोई और है।
नकली भरोसे का जाल बिछाकर ठगते थे
आरोपियों ने जिन अभ्यर्थियों से पैसे लिए, उनमें से कोई भी परीक्षा पास नहीं कर सका। जब अभ्यर्थियों ने पैसे वापस मांगे तो उन्होंने अगली परीक्षा में ‘पक्का सेटिंग’ का आश्वासन देकर उन्हें बरगलाया। दोनों आरोपी पिछले 5-6 महीनों से रामकृष्ण नगर इलाके में एक फ्लैट में रह रहे थे और वहीं से अपना नेटवर्क चला रहे थे।
एसपी पूर्वी ने दी जानकारी
पूर्वी पटना के पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी केवल कमीशन पर काम करते थे और इनका कोई बॉस है जो पूरे नेटवर्क को संचालित करता है। फिलहाल उससे जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
छात्रों की मेहनत पर लग रहा था पानी
पुलिस की इस कार्रवाई को प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। इस गिरोह की सक्रियता से न सिर्फ प्रतिभाशाली छात्रों को नुकसान हो रहा था, बल्कि परीक्षाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे थे।
Voice of Bihar आपसे अपील करता है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में धोखाधड़ी जैसे उपायों से दूर रहें और केवल अपनी मेहनत व ईमानदारी से सफलता प्राप्त करें।


