पटना, 18 जुलाई 2025।बिहार सरकार ने ग्रामीण संपर्कता को मजबूती देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (एमएमजीएसवाय) के अंतर्गत अब तक 33,540 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। इससे राज्य के 23,886 गांवों को पक्की सड़क से जोड़ा गया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में 500 से अधिक आबादी वाले टोले ही शामिल हो सकते हैं, जबकि बिहार सरकार ने इससे छोटे और पिछड़े टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने के लिए वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना की शुरुआत की थी। अब योजना का दायरा बढ़ाते हुए हर छोटे से छोटे टोले को बारहमासी पक्की सड़क से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
33,500 किलोमीटर से अधिक सड़कों का कार्य पूरा
ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार:
- योजना के तहत अब तक 42,022 किमी लंबाई की 30,611 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
- इनमें से करीब 78 प्रतिशत योजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं।
- गांवों को मुख्य बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सुविधाओं से जोड़ने में यह योजना बेहद कारगर रही है।
जिलावार प्रदर्शन: मुजफ्फरपुर सबसे आगे
राज्य के जिन जिलों में सबसे अधिक सड़क निर्माण कार्य हुआ है, उनमें मुजफ्फरपुर सबसे आगे है, जहां 2,329.09 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है। इसके बाद मधुबनी, अररिया और पूर्वी चंपारण प्रमुख जिलों में हैं।
शीर्ष 10 जिले (निर्मित सड़कों की लंबाई के आधार पर):
| क्रम | जिला | निर्मित सड़क (किमी) |
|---|---|---|
| 1 | मुजफ्फरपुर | 2,329.09 |
| 2 | मधुबनी | 2,207.07 |
| 3 | अररिया | 2,127.06 |
| 4 | पूर्वी चंपारण | 1,885.61 |
| 5 | पूर्णिया | 1,695.84 |
| 6 | कटिहार | 1,506.42 |
| 7 | सारण | 1,440.83 |
| 8 | दरभंगा | 1,404.63 |
| 9 | पश्चिम चंपारण | 1,231.34 |
| 10 | गोपालगंज | 1,205.58 |
सड़कों से बदली ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर
ग्रामीण सड़कों के निर्माण ने:
- स्थानीय रोजगार के अवसरों में वृद्धि की है।
- कृषि, व्यापार और छोटे उद्योगों को नई गति दी है।
- शिक्षा, स्वास्थ्य व प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।
- गांवों की सुरक्षा एवं सामाजिक गतिशीलता में भी सुधार आया है।
सरकार की प्राथमिकता: हर टोला हो सड़क से जुड़ा
ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि सरकार की यह स्पष्ट प्राथमिकता है कि कोई भी गांव या टोला संपर्कहीन न रहे। उन्होंने कहा:
“सड़कें केवल रास्ते नहीं बनातीं, ये बदलाव की बुनियाद रखती हैं। ग्रामीण सड़कों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार – हर क्षेत्र में नया जीवन फूंका है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार योजनाओं को जमीनी हकीकत में बदलने में विश्वास करती है।”
मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना बिहार के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने में एक मॉडल योजना बनकर उभरी है। यह पहल ग्राम्य विकास, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में सरकार के संकल्प का प्रमाण है। आने वाले वर्षों में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर टोला मुख्य मार्गों से जोड़ा जाए, ताकि विकास की रफ्तार किसी को पीछे न छोड़े।


