नशे के खिलाफ कुलकुलिया सैदपुर गांव में ग्रामीणों की अनोखी पहल: गांव के मुख्य द्वार पर लगाया गया ड्रॉप गेट

भागलपुर, 17 जुलाई 2025: भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत रसलपुर थाना क्षेत्र के कुलकुलिया सैदपुर गांव में ग्रामीणों ने नशे और नशेड़ियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गांव के मुख्य द्वार मिलन चौक पर ड्रॉप गेट लगाकर चौबीसों घंटे पहरेदारी शुरू कर दी है। नशे के बढ़ते प्रभाव और असामाजिक गतिविधियों से परेशान ग्रामीणों ने यह फैसला सामूहिक बैठक में लिया।


ड्रॉप गेट पर संदिग्धों की हो रही है पूछताछ

अब कोई भी संदिग्ध व्यक्ति गांव में प्रवेश नहीं कर सकता। ग्रामीण टोली बनाकर 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। गेट पर आने-जाने वालों से पूछताछ कर ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। इसका असर भी दिखने लगा है—नशेड़ी और बाहरी युवक अब गांव में घुसने से कतराने लगे हैं


ब्राउन शुगर का अड्डा बन चुका था गांव

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ब्राउन शुगर का कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा था। 16 से 25 वर्ष की उम्र वाले युवक, आस-पास के गांवों और शहरों से बाइक से आकर नशा करते थे। महिलाओं और छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियों की घटनाएँ आम हो गई थीं। ग्रामीणों ने कारोबारियों से नशा बंद करने की अपील भी की, लेकिन दबंगई और धमकी का सामना करना पड़ा।


ग्रामीणों की बातें, डर और इरादा

  • बबलू मंडल: “गांव नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा था। अब ड्रॉप गेट लगाकर गांव की रक्षा कर रहे हैं।”
  • पिंटू मंडल: “हमारा गांव और युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे थे। अब बदलाव नजर आ रहा है।”
  • विजय मंडल: “जो भी नया या संदिग्ध आता है, पहले पूछताछ होती है। अगर ग्रामवासी हुआ तो ही अंदर आने दिया जाता है।”
  • सत्येंद्र मंडल: “रात-दिन बाहरी लोग आते थे। अब गेट लगने से यह बंद हुआ है।”
  • बालमुकुंद मंडल: “यह अभियान तीसरे दिन में है और अब तक कोई नशेड़ी गांव में घुस नहीं पाया है।”

मुखिया प्रतिनिधि की अगुवाई, पुलिस का समर्थन

मुखिया प्रतिनिधि नीरज मंडल ने पहल करते हुए ग्रामीणों के साथ बैठक कर इस योजना को लागू किया। उन्होंने बताया कि:

“अब जो भी नशा करने आता है, हम उसे समझाकर वापस भेज देते हैं। पुलिस का भी हमें सहयोग मिल रहा है। नशे के खिलाफ यह अभियान समाज के हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए।”


पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया

कहलगांव एसडीपीओ कल्याण आनंद ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा:

“ग्रामीणों की यह पहल न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि इससे पुलिस को अपराध नियंत्रण में मदद मिलती है। अन्य गांवों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।”


पृष्ठभूमि: कैसे बना गांव नशे का केंद्र

कुलकुलिया सैदपुर गांव पहले कहलगांव थाना क्षेत्र में आता था, लेकिन विस्तार के बाद यह रसलपुर थाना में चला गया। थाना से गांव की दूरी करीब 9 किमी है, जिससे पुलिस गश्ती कम होती थी। इसी का लाभ उठाकर नशेड़ियों और तस्करों ने गांव को अपना अड्डा बना लिया।


अब तक नशे से पांच लोगों की मौत

ग्रामीणों ने बताया कि अब तक नशे के कारण गांव में पांच लोगों की मौत हो चुकी है —
रंजन कुमार, चरित्र मंडल, कुमुद पंडित, रामदयाल मंडल, और विलास मंडल की जान ब्राउन शुगर के सेवन से गई।


यह पहल ग्रामीण चेतना, साहस और सामूहिक प्रयास का एक दुर्लभ उदाहरण है, जो शासन और समाज दोनों के लिए प्रेरणादायक है।


 

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