17 जुलाई 2025 | बिहार में एक बार फिर मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को जहां राहत दी है, वहीं कई जिलों में जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। बुधवार को राजधानी पटना सहित राज्य के कई हिस्सों में दिनभर झमाझम बारिश हुई, और गुरुवार को भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
6 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने गुरुवार को बिहार के 26 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें से सीवान, सारण, भोजपुर, कैमूर, बक्सर और रोहतास में भारी वर्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज गर्जना, बिजली गिरने और मूसलधार बारिश की आशंका जताई गई है।
अन्य प्रभावित जिले
राजधानी पटना के साथ-साथ नालंदा, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर जिलों में भी आज दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
गया में सबसे अधिक वर्षा
बुधवार को गया में सबसे अधिक 186.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो राज्य में सर्वाधिक थी। इसके अलावा:
- बेगूसराय – 166.4 मिमी
- समस्तीपुर – 139.6 मिमी
- जमुई – 136.4 मिमी
- सहरसा – 126.8 मिमी
- औरंगाबाद – 120.8 मिमी
- भभुआ – 115.4 मिमी
- नवादा – 107.4 मिमी
प्रशासन की अपील
विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर उन जिलों में जहां रेड अलर्ट जारी किया गया है। बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश से जन-धन की क्षति की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
बिहार में राहत और चुनौतियां
जहां एक ओर किसानों के लिए यह बारिश फसल के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर कई शहरों और कस्बों में जलजमाव, सड़कों पर पानी भरने और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
मौसम विभाग ने 20 जुलाई तक राज्यभर में रुक-रुक कर बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। वज्रपात को लेकर भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।
नोट: मौसम से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में आमजन स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।


