सासाराम, 17 जुलाई 2025: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार देर शाम रोहतास जिले के सासाराम में एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक विजय कुमार और एक कथित कर्मचारी विक्की कुमार को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
स्वीकृत लोन के बावजूद मांगी गई रिश्वत
सहरसा निवासी रौशन कुमार ने मुद्रा लोन के लिए यूनियन बैंक में आवेदन दिया था। लोन स्वीकृत हो चुका था, लेकिन बैंक मैनेजर विजय कुमार ने राशि ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया और 7 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में सौदेबाजी के बाद 6 हजार रुपये में बात तय हुई।
शिकायत के बाद CBI का जाल
रौशन कुमार ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा से की। जांच के बाद बुधवार को CBI की टीम ने बैंक परिसर में जाल बिछाया। जैसे ही पीड़ित ने 6 हजार रुपये की राशि शाखा प्रबंधक को सौंपी, टीम ने तत्काल छापा मारकर दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
16 साल से अवैध रूप से कार्यरत कर्मचारी भी गिरफ्तार
CBI की पूछताछ में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि विक्की कुमार नामक व्यक्ति पिछले 16 वर्षों से यूनियन बैंक में बिना किसी वैध दस्तावेज और नियुक्ति प्रक्रिया के कार्यरत था। वह कथित रूप से शाखा प्रबंधक के संरक्षण में काम करता था।
CBI ने इस मामले में बैंक की कार्यशैली और मानव संसाधन प्रबंधन की गंभीर अनदेखी को लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
भ्रष्टाचारियों में हड़कंप
CBI और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा पिछले दो महीनों में जिले में यह छठी बड़ी कार्रवाई है। लगातार हो रही कार्रवाइयों से आम जनता में राहत और विश्वास का माहौल बना है, वहीं भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत है।
राज्य भर में CBI की इस सख्ती को बिहार में पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रणाली की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।


