सुल्तानगंज में श्रावणी मेला के दौरान भक्ति और सेवा का अनूठा उदाहरण
भागलपुर | 16 जुलाई 2025 | श्रावणी मेला के छठे दिन अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज में नेपाल की महिला कांवरिया सुनीता देवी ने सेवा और श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने पुत्र और पुत्री के डॉक्टर बनने की खुशी में कांवरिया पथ पर लगभग सवा किलोमीटर तक कारपेट (कोरपेट) बिछाकर श्रद्धालुओं की सेवा की।
सुनीता देवी स्वयं नेपाल सरकार की स्वास्थ्य सेवा में नर्स के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि यह सेवा उन्होंने भगवान भोलेनाथ को धन्यवाद स्वरूप अर्पित की है, क्योंकि उनके पुत्र डॉ. प्रशांत यादव और पुत्री डॉ. सुषमिता यादव वर्तमान में अमेरिका के हॉकिन्स जोन्स अस्पताल में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
सुनीता देवी ने कहा,
“यह मेरे परिवार के लिए गौरव और श्रद्धा का क्षण है। मैंने बाबा अजगैबीनाथ से हमेशा प्रार्थना की थी कि मेरे बच्चे जीवन में सफल हों और मानवता की सेवा करें। आज उनकी सफलता पर मैं यह सेवा कांवरियों के चरणों में समर्पित करती हूं।”
कांवरियों को मिला आरामदायक मार्ग
इस पहल से कांवरियों को तेज धूप में तपती सड़कों पर चलने से राहत मिली है। कोरपेट बिछाए जाने से कांवर पथ पर चलने वाले हजारों श्रद्धालुओं को काफी सुविधा हुई। कांवरिया समाज और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी सुनीता देवी के इस सेवा भाव की सराहना की और इसे श्रद्धा और सामाजिक सेवा का आदर्श उदाहरण बताया।
भावुक माहौल, भक्ति से सराबोर कांवरपथ
पूरे कांवरिया पथ पर बोल बम के जयकारों के बीच जब श्रद्धालु कारपेट पर चलते देखे गए, तो भावुक दृश्य उत्पन्न हो गया। कई श्रद्धालुओं ने सुनीता देवी से भेंट कर उन्हें बधाई दी और उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
श्रावणी मेला में यह पहल न केवल सेवा भावना को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि श्रद्धा जब कृतज्ञता से जुड़ती है, तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है।


