कटिहार, 15 जुलाई 2025:जिले में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान लापरवाही और अनुशासनहीनता को लेकर बारसोई के प्रखंड विकास पदाधिकारी हरिओम शरण को जिलाधिकारी मनेष कुमार मीणा ने निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई है।
नियमविरुद्ध आचरण बना कार्रवाई का आधार
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि बीडीओ हरिओम शरण द्वारा निर्वाचन जैसे संवेदनशील कार्य को लेकर विभिन्न समाचार पत्रों और इंटरनेट मीडिया में जो वक्तव्य दिए गए, वह पूरी तरह से असंगत और असंवैधानिक हैं। निर्वाचन कार्य जैसे महत्वपूर्ण दायित्व के संदर्भ में इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी लोक सेवा आचरण नियमावली के विरुद्ध मानी गई है।
इस संबंध में बीडीओ से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया था, लेकिन उनका उत्तर असंतोषजनक पाया गया। परिणामस्वरूप, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अन्य अधिकारियों को भी चेतावनी
डीएम मीणा ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन जैसे कार्यों में कोई भी पदाधिकारी लापरवाही बरतेगा या बाधा उत्पन्न करेगा तो उसके विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी कि निर्वाचन कार्य में पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से योगदान सुनिश्चित करें।
12 जुलाई को दिया था इस्तीफा, फिर लौटे कार्य पर
बता दें कि बारसोई बीडीओ हरिओम शरण ने 12 जुलाई को अनुमंडल पदाधिकारी दीक्षित श्वेतम पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए इस्तीफा सौंप दिया था। इसके बाद से वे लापता हो गए थे और किसी से संपर्क में नहीं थे। बीते सोमवार को वे पुनः कार्यालय लौटे, लेकिन प्रशासन ने उनके आचरण को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।
मतदाता पुनरीक्षण कार्य में प्रगति की समीक्षा
जिलाधिकारी ने बताया कि 25 जून से विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अब तक कुल 83% प्रपत्र एकत्रित कर लिए गए हैं, जबकि 65.67% डाटा अपलोड किया जा चुका है। उन्होंने शेष कार्य को 26 जुलाई 2025 तक पूर्ण करने का निर्देश भी सभी संबंधित अधिकारियों को दिया है।
बारसोई बीडीओ के निलंबन के इस निर्णय से जिले के प्रशासनिक अमले में स्पष्ट संदेश गया है कि निर्वाचन कार्यों में किसी प्रकार की अनुशासनहीनता, लापरवाही या गैर-जिम्मेदाराना आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी की सख्ती से स्पष्ट है कि वे मतदाता पुनरीक्षण कार्य को शत-प्रतिशत पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराना चाहते हैं।


