पटना, 16 जुलाई 2025।बिहार में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई बिहार लघु उद्यमी योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को प्रथम किस्त का वितरण मंगलवार को अधिवेशन भवन, पटना में आयोजित एक समारोह में किया गया। इस अवसर पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यह योजना बिहार के युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा:
“हमारा उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के अधिकतम लोगों को इस योजना से जोड़ा जाए ताकि वे अपना उद्यम स्थापित कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। यह बिहार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।“
वितरण का विवरण
- कुल लाभुकों की संख्या: 20,106
- प्रत्येक को दी गई राशि: ₹50,000
- कुल वितरित राशि: ₹100.53 करोड़
- महिला लाभुकों की संख्या: 7,039
योजना की प्रमुख बातें
- शुरुआत: 2024 में बिहार सरकार द्वारा
- लक्ष्य समूह: जाति आधारित गणना में चिन्हित आर्थिक रूप से कमजोर परिवार
- आयु सीमा: 18 से 50 वर्ष
- आय सीमा: मासिक ₹6,000 या वार्षिक ₹72,000 से कम
- अनुदान राशि: ₹2 लाख (तीन किस्तों में)
- परियोजनाएं: 61 चिन्हित व्यवसायिक परियोजनाओं में से एक का चयन अनिवार्य
- चयन प्रक्रिया: कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन प्रणाली द्वारा पारदर्शी चयन
चयन एवं प्रशिक्षण
- कुल आवेदन (2024-25): 2,32,900
- चयनित लाभुक: 59,901 (जिसमें 9,901 पिछली रिक्तियां भी शामिल)
- प्रतीक्षा सूची: 11,980 आवेदक
- प्रशिक्षण: उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान द्वारा जिला उद्योग केंद्रों में 3 दिवसीय प्रशिक्षण
आगे की दिशा
यह योजना न केवल बेरोजगारों को रोजगार का अवसर दे रही है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर कर रही है। योजना से जुड़े कई महिला लाभुकों ने कहा कि यह उन्हें अपने व्यवसाय की शुरुआत में बड़ा सहारा दे रही है।
इस अवसर पर उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और लाभुक बड़ी संख्या में मौजूद थे।


