
भागलपुर (नवगछिया), 15 जुलाई — नारायणपुर प्रखंड के मथुरापुर जहाज घाट पर मंगलवार को गंगा स्नान के दौरान दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतक बच्चों की पहचान खुर्शीद आलम के 12 वर्षीय पुत्र अरमान और मोहम्मद निसार के 11 वर्षीय पुत्र दिलशाद के रूप में हुई है। दोनों बच्चे छुट्टियां बिताने अपने ननिहाल आए हुए थे और सुबह नहाने के लिए गंगा घाट पर गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्नान के दौरान दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रयास कर उन्हें बाहर निकाला। परिजनों का दावा है कि जब बच्चों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी सांसें चल रही थीं। लेकिन उन्हें समय रहते चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी।
पीएचसी में डॉक्टर नदारद, परिजनों का फूटा गुस्सा
परिजनों का आरोप है कि बच्चों को आनन-फानन में नारायणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लाया गया, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। अस्पताल पहुंचने पर न तो कोई इमरजेंसी व्यवस्था थी और न ही प्राथमिक उपचार देने वाला कोई कर्मचारी। इसी कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका और दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। नारायणपुर पीएचसी में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की गई। अस्पताल परिसर में कुर्सियां, खिड़कियां और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि PHC में हमेशा डॉक्टरों की अनुपस्थिति रहती है और आपात स्थिति में कोई चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं होती। लोगों ने मांग की है कि दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई की जाए और पीएचसी की व्यवस्था में सुधार किया जाए।
सामाजिक माहौल गमगीन
घटना के बाद मथुरापुर गांव सहित पूरे इलाके में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार देर शाम किया गया।


