पटना, 13 जुलाई 2025: बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को बड़ी संख्या में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के नागरिकों की मौजूदगी की जानकारी मिली है। आयोग के क्षेत्रीय अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
बताया गया है कि यह जानकारी बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर की गई जांच के आधार पर सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, जिन व्यक्तियों की नागरिकता संदिग्ध पाई गई है, उनके दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और अंतिम मतदाता सूची में ऐसे किसी भी व्यक्ति का नाम शामिल नहीं किया जाएगा। यह सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “बिहार में यह प्रक्रिया पहले चरण में है, लेकिन आने वाले समय में पूरे भारत में विशेष पुनरीक्षण के माध्यम से मतदाता सूची से अवैध विदेशी नागरिकों को हटाने का अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जन्मस्थान, नागरिकता प्रमाण और अन्य कानूनी दस्तावेजों की विशेष रूप से जांच की जाएगी।”
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब बिहार में इस वर्ष चुनाव होने वाले हैं और अन्य पांच राज्यों—असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल—में 2026 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। हाल के वर्षों में इन राज्यों में बांग्लादेश और म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों की उपस्थिति और गतिविधियों को लेकर चिंताएं जताई जाती रही हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की ओर से भी हाल के महीनों में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के संकेत दिए गए हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग की यह कार्रवाई चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है।
इस मामले पर आगे की कार्रवाई आयोग की जांच रिपोर्ट और संबंधित जिलों से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।


