भागलपुर, 13 जुलाई 2025।पावन सावन मास की शुरुआत के साथ ही सुल्तानगंज में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा है। उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल लेकर लाखों शिवभक्त कांवरिया बाबा बैद्यनाथधाम, देवघर की ओर कंधे पर कांवर लिए रवाना हो गए हैं। सुल्तानगंज से देवघर तक की संपूर्ण यात्रा “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से गुंजायमान है।
श्रद्धालुओं की इस अनोखी आस्था यात्रा में झारखंड, बंगाल, उत्तर प्रदेश, नेपाल सहित देश के कोने-कोने से आए कांवरिये शामिल हैं। कोई नंगे पांव, कोई सिर पर टोकरा, तो कोई समूह में नाचते-गाते — सभी के चेहरों पर आस्था और विश्वास की छवि झलक रही है।
105 किलोमीटर की पैदल यात्रा
श्रद्धालु सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम से जल भरकर लगभग 105 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा कर बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पण करने निकल पड़ते हैं। एक कांवरिया ने कहा,
“हम हर साल आते हैं, बाबा का जल चढ़ाने। इस बार की व्यवस्था बहुत अच्छी है – मेडिकल कैंप, टेंट, पीने का पानी सब मिल रहा है। बाबा सबकी मनोकामना पूरी करें।”
प्रशासन की विशेष तैयारियाँ
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।
- मेडिकल कैंप,
- जल वितरण केंद्र,
- सीसीटीवी निगरानी,
- विश्राम शालाएं,
- महिला सुरक्षा के लिए विशेष टीम की तैनाती।
एक महिला श्रद्धालु ने बताया,
“हम बंगाल से आए हैं, बाबा का बुलावा आया था। रास्ते में कहीं कोई परेशानी नहीं हुई। यहां आकर मन को गहरी शांति मिलती है।”
पहले सोमवार तक चरम पर रहेगा उत्सव
सावन के पहले सोमवार तक यह धार्मिक यात्रा अपने चरम पर पहुंच जाएगी। लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा धाम पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे।
श्रावणी मेला न सिर्फ आस्था का उत्सव है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता और अध्यात्मिक परंपरा का जीवंत उदाहरण भी बन चुका है।


