सुपौल, 11 जुलाई 2025: शराबबंदी कानून वाले बिहार में एक बार फिर सरकारी अधिकारी की लापरवाही सामने आई है। सुपौल जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभू कुमार को गुरुवार को शराब के नशे में रंगे हाथ पकड़ लिया गया। ब्रेथ एनालाइजर जांच में शराब सेवन की पुष्टि के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उनके निलंबन की अनुशंसा विभाग को भेज दी है।
मंच पर ही हुई संदिग्ध गतिविधियों से खुली पोल
यह घटना उस समय सामने आई जब सुपौल टाउनहॉल में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के पीएचईडी मंत्री नीरज सिंह बबलू थे। मंच पर मौजूद मत्स्य पदाधिकारी शंभू कुमार की गतिविधियों पर जिलाधिकारी सावन कुमार को संदेह हुआ। जब उन्हें पास बुलाया गया तो उनके मुंह से शराब की गंध महसूस हुई।
सर्किट हाउस में हुई पुष्टि, उत्पाद विभाग की कार्रवाई
जिलाधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए शंभू कुमार को सर्किट हाउस बुलाया और उत्पाद विभाग की टीम से तत्काल ब्रेथ एनालाइजर जांच करवाई। जांच में शराब पीने की पुष्टि होते ही उन्हें उत्पाद विभाग के हवाले कर दिया गया। इसके बाद मत्स्य पदाधिकारी को उत्पाद थाना लाया गया, जहां उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
डीएम की सख्ती, निलंबन की अनुशंसा
जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि यह घटना अत्यंत निंदनीय है, विशेषकर जब राज्य सरकार शराबबंदी को पूरी सख्ती से लागू कर रही है। उन्होंने मत्स्य पदाधिकारी शंभू कुमार के निलंबन की अनुशंसा पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को भेज दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों से इस तरह के आचरण की कतई उम्मीद नहीं की जाती, और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सख्त शराबबंदी कानून की फिर से चर्चा
यह मामला बिहार सरकार की शराबबंदी नीति पर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। अधिकारियों के द्वारा ही कानून तोड़ना राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला माना जा रहा है। इससे पहले भी राज्य में कई अधिकारी शराब सेवन के मामले में पकड़े जा चुके हैं।


