पटना में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई: 578 चालकों का लाइसेंस निलंबित, 900 वाहन मालिकों को भेजा गया नोटिस

पटना, 11 जुलाई 2025 — राजधानी पटना में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जिला परिवहन कार्यालय और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जनवरी से जून 2025 के बीच 578 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि 988 चालकों के विरुद्ध लाइसेंस रद्द करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।

डीटीओ कार्यालय से प्राप्त आंकड़े

पटना जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 988 मामलों में ट्रैफिक पुलिस द्वारा लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की गई थी। इनमें से 578 मामलों में निलंबन की कार्रवाई की गई और शोकॉज नोटिस जारी किया गया है।

वहीं, लगभग 900 वाहन मालिकों को नोटिस भेजा गया है, जिनके वाहनों के निबंधन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन सभी मालिकों से लिखित जवाब मांगा गया है, जिसके बाद मामले की समीक्षा कर अगली कार्रवाई की जाएगी।

कब होती है ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित

डीटीओ से मिली जानकारी के अनुसार, निम्नलिखित स्थितियों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है:

  • बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन
  • वाहन जांच के दौरान डीएल या अन्य कागजात का अनुपस्थित रहना
  • पहले से निलंबित डीएल के साथ वाहन चलाते पाए जाना

ऐसे मामलों में चालक पर ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जाता है और लाइसेंस को तीन से छह महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

डीटीओ की चेतावनी

पटना के जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) उपेंद्र कुमार पाल ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में युवक लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति यातायात नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ डीएल निलंबन से लेकर वाहन के निबंधन रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

30 ड्राइविंग लाइसेंस किए गए रद्द

बीते छह महीने में लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा 30 से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। किसी भी डीएल को रद्द करने से पहले दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया जाता है और उसके बाद अंतिम निर्णय डीटीओ द्वारा लिया जाता है


पटना में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है। जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस द्वारा मिलकर की जा रही यह कार्रवाई न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में है, बल्कि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है।


 

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