पटना/राजगीर, 10 जुलाई 2025:बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राजगीर खेल परिसर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का स्थल निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सालेपुर-राजगीर बुद्ध सर्किट फोर लेन पथ के प्रस्तावित एलायनमेंट का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
राजगीर क्रिकेट स्टेडियम: 40 हजार दर्शकों की क्षमता
मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने जानकारी दी कि स्टेडियम में 40,000 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। खिलाड़ियों और दर्शकों की मूलभूत सुविधाएं, मीडिया गैलरी समेत अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सभी आवश्यक संरचनाएं विकसित की जा रही हैं।
निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में अधिकारियों के साथ बैठक कर राजगीर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से राजगीर को वैकल्पिक संपर्क मार्गों से जोड़ने के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बुद्ध सर्किट फोर लेन पथ का निरीक्षण, एलिवेटेड संरचना का प्रस्ताव
राजगीर जाते समय मुख्यमंत्री ने नालंदा जिले के सालेपुर मोड़ और बेलऊआ में प्रस्तावित फोर लेन बुद्ध सर्किट पथ के एलायनमेंट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस मार्ग में पड़ने वाली रेलवे लाइन के ऊपर एलिवेटेड पथ का निर्माण प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस सड़क का कार्य शीघ्र आरंभ कराया जाए, ताकि पटना से राजगीर की यात्रा और अधिक सुगम और समयबचाऊ हो सके।
हसनपुर डाइवर्सन का भी किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने हसनपुर में निर्माणाधीन डाइवर्सन का भी निरीक्षण किया और वहां निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर सांसद कौशलेन्द्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार व कुमार रवि, विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के एमडी शीर्षत कपिल अशोक, नालंदा के डीएम कुन्दन कुमार, पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम., नालंदा के एसपी भारत सोनी सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
यह निरीक्षण और समीक्षा दौरा राजगीर क्षेत्र के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।


