पटना। राजधानी में चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। डीजीपी विनय कुमार ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि शूटर उमेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार कर ली है।
सीसीटीवी से हुआ सुराग
पुलिस को घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे से अहम सुराग मिला। फुटेज के आधार पर उमेश यादव की पहचान हुई और फिर एसटीएफ और एसआईटी की टीमों ने उसे मालसलामी इलाके से पकड़ा। उसके घर से हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक, कपड़े, हेलमेट, मास्क समेत कई सामान बरामद किए गए।
हथियार और भारी मात्रा में गोलियां जब्त
छापेमारी के दौरान घर के ऊपरी तल से 7.62 एमएम की 63 गोलियां, एक नाइन एमएम पिस्टल, दो मैगजीन और अन्य गोलियां भी बरामद की गईं।
चार लाख में तय हुई थी सुपारी
पूछताछ में उमेश ने बताया कि उसे अशोक साव ने चार लाख रुपये की सुपारी दी थी—50 हजार रुपये एडवांस में और शेष 3.5 लाख रुपये हत्या के अगले दिन जेपी गंगा पथ पर सौंपे गए। अशोक ने उमेश को दो मोबाइल, हथियार, खेमका की फोटो और दिनचर्या तक मुहैया कराई थी।
हत्या के बाद ऐसे भागा शूटर
हत्या के बाद उमेश अपनी बाइक से जमाल रोड होते हुए सीधे मालसलामी स्थित घर गया। अगले दिन सुबह वह अशोक से मिला और तयशुदा रकम लेकर लौट गया।
डीजीपी बोले: योजनाबद्ध थी हत्या, पुलिस ने समय रहते किया पर्दाफाश
डीजीपी ने कहा कि हत्या की साजिश करीब डेढ़ महीने पहले रची गई थी और काफी सुनियोजित तरीके से इसे अंजाम दिया गया। पुलिस की तकनीकी निगरानी और संयोजन से पूरे मामले का सफल खुलासा हो पाया।


