चक्का जाम में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत INDIA गठबंधन के शीर्ष नेता होंगे शामिल; मतदाता पुनरीक्षण और श्रम संहिता के विरोध में सड़कों पर उतरेगा विपक्ष

कल बिहार में चक्का जाम: राहुल, तेजस्वी, दीपंकर, डी. राजा होंगे शामिल

पटना, 8 जुलाई 2025 – ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल और बिहार में विशेष मतदाता पुनरीक्षण के विरोध में कल 9 जुलाई को विपक्षी दलों द्वारा राज्यव्यापी चक्का जाम का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, दीपंकर भट्टाचार्य, एम. ए. बेबी और डी. राजा जैसे नेता भाग लेंगे। विपक्षी नेता आयकर गोलंबर से मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय तक मार्च करेंगे।

माकपा महासचिव एम. ए. बेबी होंगे शामिल

माकपा राज्य कमेटी के मनोज चंद्रवंशी ने बताया कि चक्का जाम में पार्टी महासचिव एम. ए. बेबी, राज्य सचिव ललन चौधरी, केंद्रीय कमेटी सदस्य अवधेश कुमार, विधायक अजय कुमार, विधायक सत्येंद्र यादव, और अन्य नेता भाग लेंगे।

डी. राजा भी पहुंचेंगे पटना

भाकपा महासचिव डी. राजा कल सुबह 8 बजे पटना पहुंचेंगे और 9 बजे आयोजित मार्च में भाग लेंगे। यह जानकारी राज्य पार्टी कार्यालय सचिव इंदुभूषण वर्मा ने दी।

राहुल गांधी की पटना यात्रा

राहुल गांधी कल पटना पहुंचेंगे और विपक्षी मार्च में शामिल होंगे। उनके साथ तेजस्वी यादव, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार और वाम दलों के नेता मौजूद रहेंगे। वे पटना में उद्योगपति गोपाल खेमका के परिजनों से भी मुलाकात कर सकते हैं।


मतदाता पुनरीक्षण पर विपक्ष का विरोध

चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का आदेश दिया है, जो 25 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान सभी मतदाताओं को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज़ जमा करने होंगे।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसे “वोटबंदी” बताया है। उन्होंने कहा, “यह प्रक्रिया गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के वोट काटने की साजिश है। आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है।”


पुलिस की तैयारी

बिहार पुलिस ने चक्का जाम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पटना सहित प्रमुख शहरों में अतिरिक्त बल, ड्रोन निगरानी, और सीसीटीवी की व्यवस्था की गई है। डीजीपी आलोक राज ने कहा कि “कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।”

पटना ट्रैफिक के लिए वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं ताकि आम जनता को कम परेशानी हो।


सियासी संदेश

यह बंद विपक्षी एकता और बीजेपी-जेडीयू सरकार के खिलाफ एक सियासी संदेश के रूप में देखा जा रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह “गरीबों और वंचितों के वोट के अधिकार की लड़ाई” है, जबकि लालू प्रसाद यादव ने आरोप लगाया कि “मोदी-शाह की जोड़ी बिहारियों के वोट छीनना चाहती है।” वहीं, बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने इसे “राजनीतिक नौटंकी” करार दिया।


 

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