पटना, 8 जुलाई 2025।राज्य मंत्रिपरिषद ने आज ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए ‘बिहार नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा नीति–2025’ को स्वीकृति दे दी है। इस नीति का उद्देश्य बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाना है।
माननीय ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि यह नीति मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है और यह राज्य को स्वच्छ, सस्ती एवं सतत ऊर्जा के रास्ते पर ले जाएगी।
नीति के प्रमुख उद्देश्य:
- स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना
- निजी निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना
- ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास को बढ़ाना
- भारत सरकार के 2070 तक नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य में योगदान देना
मुख्य प्रावधान:
- 400 रु. की जगह 1100 रु. सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं की तर्ज पर नवीकरणीय ऊर्जा को दी जा रही है व्यापक प्रोत्साहन
- अगले 5 वर्षों में 23,968 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और 6.1 गीगावाट घंटे ऊर्जा भंडारण का लक्ष्य
- ग्रीन हाइड्रोजन, जियो थर्मल, पंप स्टोरेज और बैटरी स्टोरेज जैसी तकनीकों को बढ़ावा
- स्टांप ड्यूटी, बिजली शुल्क, एसजीएसटी में छूट सहित विनियामक प्रोत्साहन
- ओपन एक्सेस, ऊर्जा बैंकिंग, ग्रीन टैरिफ, सिंगल विंडो क्लीयरेंस की सुविधा
- मानित उद्योग दर्जा और ग्रिड कनेक्टिविटी के लिए आधारभूत ढांचे में छूट
ब्रेडा की भूमिका और नीति निर्माण की प्रक्रिया:
ऊर्जा विभाग के तहत बिहार रिन्यूएबल डेवलपमेंट एजेंसी (BREDA) द्वारा यह नीति तैयार की गई है। इसमें महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश जैसे अग्रणी राज्यों की ऊर्जा नीतियों का अध्ययन कर व्यवहारिक और नवाचारी दृष्टिकोण अपनाया गया है। नीति निर्माण में विभिन्न विभागों और हितधारकों से विचार-विमर्श कर उनकी राय को सम्मिलित किया गया है।
ऊर्जा मंत्री का वक्तव्य:
“यह नीति बिहार को हरित ऊर्जा में अग्रणी बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम हरित, सस्ती और सतत ऊर्जा व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं।”
— श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ऊर्जा मंत्री, बिहार सरकार
ऊर्जा सचिव का वक्तव्य:
“यह नीति स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक ठोस पहल है, जिससे बिहार का भविष्य ऊर्जा के क्षेत्र में सशक्त और टिकाऊ बनेगा।”
— श्री मनोज कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव


