पटना, 8 जुलाई।राज्य में अधोसंरचना को मजबूती देने की दिशा में बिहार सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पथ निर्माण विभाग की 13 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लागत 667.97 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं के तहत करीब 110 किलोमीटर सड़कों के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और एक प्रमुख पुल का निर्माण किया जाएगा।
पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि ये योजनाएं मुख्यमंत्री के उस विज़न को आगे बढ़ाने की दिशा में एक निर्णायक पहल हैं, जिसके तहत 2027 तक राज्य के किसी भी कोने से राजधानी पटना तक अधिकतम साढ़े तीन घंटे में पहुंचना संभव होगा। मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से सिर्फ यातायात व्यवस्था नहीं सुधरेगी, बल्कि कृषि, व्यापार और सामाजिक जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
योजनाओं का जिलेवार विवरण
- समस्तीपुर: मोहिउद्दीननगर (बलुआही) से चकला तक 6.80 किमी सड़क के लिए ₹32.36 करोड़
- मधेपुरा: चांदनी चौक से पस्तपार तक 10.81 किमी सड़क के लिए ₹37.69 करोड़
- बेतिया: बगहा से सेमरा तक 14 किमी सड़क और पुल के लिए ₹64.50 करोड़
- गोपालगंज: बरौली से नुतन मोड़ तक 7.70 किमी सड़क के लिए ₹35.56 करोड़
- सहरसा: महुआ बाजार से बसनही तक 9.10 किमी सड़क के लिए ₹39.44 करोड़
- नवादा: हिसुआ बाईपास (2.90 किमी) के लिए ₹35.19 करोड़ और अकबरपुर पथ (13.70 किमी) के लिए ₹69.70 करोड़
- आरा: कुरमुरी से बंधवा तक 8.89 किमी सड़क के लिए ₹33.53 करोड़
- मधुबनी: कमला बलान नदी पर पुल और पहुँच पथ के लिए ₹154.12 करोड़
- मोतिहारी: माधोपुर से दुबौलिया चौक तक 7 किमी सड़क के लिए ₹31.70 करोड़
- दरभंगा: कपछाही से दरगाहा तक 5 किमी सड़क के लिए ₹39.60 करोड़
- पूर्वी चंपारण: चकिया से मधुबन तक 10.20 किमी सड़क के लिए ₹38.57 करोड़
- कटिहार: दलन चौक से कुशवाहा चौक तक 14 किमी सड़क के लिए ₹55.66 करोड़
बुनियादी ढांचे को मिलेगा बढ़ावा
पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं में क्रॉस ड्रेन, कल्वर्ट एवं पहुंच पथ जैसी तकनीकी आवश्यकताओं का भी समुचित प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिर्फ निर्माण नहीं, बल्कि टिकाऊ और बहुउद्देशीय सड़क संपर्क स्थापित करना है।
उन्होंने कहा, “बिहार की तरक्की सड़क से होकर ही गुजरेगी। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य के हर जिले को अच्छी गुणवत्ता वाली, सुरक्षित और बहुउपयोगी सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाए। यह योजनाएं आने वाले वर्षों में बिहार की विकास की तस्वीर बदलने में मददगार होंगी।”


