पटना, 08 जुलाई 2025: बिहार सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए दिए जा रहे 35 प्रतिशत आरक्षण को अब केवल बिहार की मूल निवासी महिलाओं तक सीमित कर दिया है। यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।
कैबिनेट की बैठक में कुल 43 प्रस्तावों पर मुहर
मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद भवन में आयोजित इस कैबिनेट बैठक में कुल 43 एजेंडों को स्वीकृति दी गई। इन्हीं में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव यह भी था कि अब महिला आरक्षण का लाभ केवल बिहार की स्थानीय महिलाओं को मिलेगा। दूसरे राज्यों से आने वाली महिला अभ्यर्थियों को अब इस आरक्षण श्रेणी का लाभ नहीं मिल सकेगा।
बिहार की महिलाओं को मिलेगा प्राथमिकता का अधिकार
अब तक महिलाओं के लिए 35% आरक्षण की व्यवस्था लागू थी, जिसमें अन्य राज्य की महिला उम्मीदवारों को भी लाभ मिलता था, बशर्ते वे पात्र हों। लेकिन इस नए संशोधन के तहत यह स्पष्ट कर दिया गया है कि आरक्षण का लाभ सिर्फ बिहार की मूल निवासी महिलाओं को दिया जाएगा। इससे स्थानीय महिला उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी में अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
दूसरे राज्यों की महिला अभ्यर्थियों को झटका
बिहार सरकार के इस फैसले से अन्य राज्यों की महिला अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर उन अभ्यर्थियों के लिए जो बिहार में परीक्षा देकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थीं। सरकार के इस कदम को स्थानीय महिलाओं को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।


