स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई ताकत, ₹30 करोड़ की लागत से तैयार हुई आधुनिक टेस्टिंग लैब का हुआ उद्घाटन
पटना, 26 जून 2025: बिहार की स्वास्थ्य सेवाएं अब एक नए युग में प्रवेश कर गई हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने पटना के अगमकुआं स्थित GNM प्रशिक्षण संस्थान, NMCM में 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला (Drug Testing Laboratory) का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक पहल से अब दवाओं और खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जांच राज्य में ही त्वरित रूप से संभव हो पाएगी, जिससे समय और संसाधनों की बड़ी बचत होगी।
बिहार हुआ दवा परीक्षण में आत्मनिर्भर
अब तक बिहार में दवाओं एवं खाद्य उत्पादों की सैंपलिंग के बाद उन्हें जांच के लिए कोलकाता या अन्य शहरों की लैब में भेजा जाता था, जिसमें काफी समय लग जाता था। इससे न केवल दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में देरी होती थी, बल्कि आपातकालीन कार्रवाई भी प्रभावित होती थी।
लेकिन अब, पटना में स्थापित यह अत्याधुनिक लैब राज्य को दवा व खाद्य जांच में पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में “क्रांतिकारी परिवर्तन” की संज्ञा दी।
क्या-क्या सुविधाएं हैं इस नई लैब में?
- ✅ 28 अत्याधुनिक मशीनों से लैस
- ✅ दवाओं और खाद्य उत्पादों की सूक्ष्म स्तर पर परीक्षण की सुविधा
- ✅ गुणवत्ता नियंत्रण में तेजी और पारदर्शिता
- ✅ नकली या घटिया दवाओं की तत्काल पहचान और कार्रवाई
- ✅ खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य में नई मजबूती
13 करोड़ लोगों की सेहत को सुरक्षा कवच
स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा,
“यह प्रयोगशाला बिहार की 13 करोड़ जनता के स्वास्थ्य सुरक्षा की एक मजबूत गारंटी है। सरकार केवल इलाज ही नहीं, अब दवाओं की गुणवत्ता पर भी सतर्क निगरानी रखेगी। इससे जनता का भरोसा और स्वास्थ्य अधिकार दोनों सशक्त होंगे।”
‘सुरक्षित भारत, स्वस्थ भारत’ की दिशा में बड़ा कदम
केंद्र सरकार की ‘सुरक्षित भारत, स्वस्थ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने में यह लैब महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह पहल केवल बिहार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए एक स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत मानी जा रही है।
प्रयोगशाला से जुड़ी प्रमुख जानकारियाँ:
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| लोकेशन | GNM प्रशिक्षण संस्थान, अगमकुआं, पटना |
| लागत | ₹30 करोड़ |
| उद्घाटन | श्री मंगल पांडे, स्वास्थ्य मंत्री |
| उपकरणों की संख्या | 28 |
| लाभार्थी | बिहार की 13 करोड़ जनता |
| लाभ | दवाओं व खाद्य उत्पादों की शीघ्र और सटीक जांच, नकली दवाओं पर रोकथाम |
उद्घाटन समारोह में शामिल हुए प्रमुख लोग
इस अवसर पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, बीएमएसआईसीएल के एमडी दिवेश रामचंद्र देवरे, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
पटना की इस अत्याधुनिक औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला से स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ेगी। अब नकली और खराब दवाएं बाजार में आसानी से नहीं टिक सकेंगी। यह पहल बिहार को हेल्थकेयर में आत्मनिर्भर बनाते हुए एक नए युग में प्रवेश कराएगी।


