
पटना, जून 2025 – बिहार सरकार ने शहरी गरीबों के लिए एक बड़ी राहत और उम्मीद भरी खबर दी है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना – फेज 2 (PMAY-Urban Phase 2) के अंतर्गत राज्य में अब छह लाख तक शहरी आवास दिए जाने की संभावना है। इसके तहत राज्य सरकार ने एक लाख अतिरिक्त आवासों की मांग केंद्र सरकार से की है।
शहरी आवेदनों में तेज़ी से बढ़ोतरी, सरकार ने केंद्र से मांगा अतिरिक्त कोटा
नगर विकास एवं आवास विभाग ने केंद्र सरकार को औपचारिक पत्र भेजकर यह मांग रखी है। विभाग के अनुसार, राज्य को पहले ही अगले पांच वर्षों के लिए 5 लाख शहरी आवास आवंटित किए जा चुके हैं। लेकिन अब तक प्राप्त आवेदन 5 लाख से अधिक हो चुके हैं, और प्रक्रिया अभी भी जारी है। ऐसे में अतिरिक्त एक लाख आवासों की मांग पूरी तरह से जमीनी आवश्यकताओं और आंकड़ों पर आधारित है।
मुख्य सचिव स्तर पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
हाल ही में राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मौजूदा स्थिति की गहराई से समीक्षा की गई। बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि वर्तमान आवंटन से सभी पात्र लाभार्थियों को घर देना संभव नहीं होगा। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि केंद्र से अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा जाए।
यदि केंद्र सरकार से यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है, तो कुल 6 लाख शहरी गरीब परिवारों को अपने पक्के, सुरक्षित और स्वच्छ घर का सपना साकार करने का अवसर मिलेगा।
सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी
नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी शहरी निकायों को सत्यापन कार्य को गंभीरता से करने का निर्देश दिया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दो विशेष निगरानी टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न नगर निकायों का दौरा करके आवेदकों से सीधा संवाद करेंगी। इसका उद्देश्य यह है कि योजना का लाभ सही पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे और किसी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की कोई संभावना न रहे।
मंत्री जिवेश कुमार ने दिए सख्त निर्देश
नगर विकास एवं आवास मंत्री श्री जिवेश कुमार ने विभागीय समीक्षा में स्पष्ट किया कि इस योजना के क्रियान्वयन में कोई लापरवाही या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि हर पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ मिले।
‘सबका साथ, सबका विकास’ की ओर एक और कदम
राज्य सरकार का यह प्रयास शहरी गरीबों के लिए न केवल सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि समावेशी विकास की दिशा में भी एक बड़ी पहल है। पीएम आवास योजना के माध्यम से बिहार में लाखों लोगों को स्थायी, सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन का अवसर मिलेगा।


