रोजगार के लिए दिल्ली गए थे गया के महादलित परिवार, द्वारका में पलटी पिकअप वैन, दर्जनों घायल
दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में बिहार के गया जिले के चार लोगों की जान चली गई। मरने वालों में एक 26 वर्षीय युवक और तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। ये सभी महादलित समुदाय से थे। हादसे के बाद उनके गांव चपरी में मातम पसरा है।
रोजगार की तलाश में दिल्ली पहुँचे थे
जानकारी के अनुसार, गया जिले के इमामगंज प्रखंड के झिकटिया कला पंचायत के चपरी गांव से 30-35 लोग कुछ दिन पहले रोजगार के लिए दिल्ली गए थे। सभी लोग एक बस से दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचे, और वहां से हरियाणा के रेवाड़ी मजदूरी के लिए “छोटा हाथी” (पिकअप वैन) से निकले। इसी दौरान द्वारका सेक्टर 23 के पास वैन का टायर फट गया, जिससे गाड़ी पलट गई।
हादसे में गई चार जानें
इस भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई:
- रंजीत कुमार (उम्र 26 वर्ष, पिता फेकू मांझी)
- लक्ष्मीनिया कुमारी (उम्र 3 वर्ष, पिता रंजीत भारती)
- शीशम कुमारी (उम्र 7 वर्ष, पिता राजेश भारती)
- गौरव कुमार (उम्र 7 वर्ष, पिता संजय मांझी)
इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनका इलाज दिल्ली में चल रहा है।
प्रशासन ने जताया दुख
इमामगंज के एसडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि दिल्ली प्रशासन से संपर्क कर पूरी जानकारी ली जा रही है। पीड़ित परिवारों की मदद के लिए प्रयास जारी है।
गांव में शोक की लहर, मुआवजे की मांग
पंचायत प्रतिनिधियों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिवार को मुआवजा मिले और घायलों के इलाज की व्यवस्था हो। साथ ही शवों को जल्द से जल्द गांव लाने की अपील की गई है।
बेरोजगारी बना पलायन की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में रोजगार की कमी के कारण महादलित समुदाय के लोग मजबूरी में दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जाते हैं। इस हादसे ने उस सच्चाई को एक बार फिर उजागर कर दिया है।


