बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर में पहली एकेडमिक एवं एक्टिविटी परिषद की बैठक संपन्न

शैक्षणिक सत्र 2025-26 से खेल प्रशिक्षण में स्नातकोत्तर डिप्लोमा शुरू करने का निर्णय

पटना, 29 अप्रैल 2025:बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर में आज 29 अप्रैल 2025 को विश्वविद्यालय के पहले एकेडमिक एवं एक्टिविटी परिषद (Academic and Activity Council) की ऐतिहासिक बैठक का आयोजन हुआ। यह बैठक विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद पहली बार आयोजित की गई और इसमें शैक्षणिक मामलों में सर्वोच्च सांविधिक निकाय के रूप में परिषद की भूमिका को स्वीकार किया गया।

बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति श्री शिशिर सिन्हा ने की, जबकि कुलसचिव श्री रजनी कांत ने परिषद के सदस्य सचिव के रूप में कार्यभार संभाला। बैठक में कुलपति ने विश्वविद्यालय के उद्देश्य और माननीय मुख्यमंत्री द्वारा इस विश्वविद्यालय की परिकल्पना को साझा किया और इसके साथ ही विश्वविद्यालय के अब तक के महत्वपूर्ण कार्यों पर प्रकाश डाला।

महत्वपूर्ण निर्णय:

  1. स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की शुरुआत: शैक्षणिक सत्र 2025-26 से एथलेटिक्स और क्रिकेट में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (20 सीटों के लिए) शुरू करने का निर्णय लिया गया। इस पाठ्यक्रम के लिए सिलेबस, परीक्षा स्कीम और आर्डिनेंस को अनुमोदित किया गया। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को किसी भी विषय से स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है और खेल में सहभागिता का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
  2. यूजीसी विनियमन 2025 को स्वीकार करना: परिषद ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी “स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्री प्रदान करने हेतु विनियमन, 2025” को स्वीकार करने का निर्णय लिया। इसके तहत विश्वविद्यालय को साल में दो बार नामांकन लेने का अधिकार प्राप्त होगा और विद्यार्थियों को मल्टीपल एंट्री और एग्जिट ऑप्शन मिलेंगे।
  3. प्रशिक्षण प्रकोष्ठ का गठन: विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण प्रकोष्ठ (Training Cell) की स्थापना की जाएगी, जिसका उद्देश्य राज्य के शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और अन्य नामित मानव संसाधनों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देना है। यह प्रकोष्ठ परीक्षा नियंत्रक की अध्यक्षता में कार्य करेगा।
  4. राष्ट्रीय स्तर पर डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की समानता: विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को एनएसएनआईएस पटियाला जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों द्वारा जारी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के समकक्ष घोषित करने के लिए राज्य सरकार से अनुरोध करने का निर्णय लिया गया।

उपलब्धियां और भविष्य की दिशा: बैठक में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई, जिसमें यूजीसी से मान्यता प्राप्त करना और एआईयू की सदस्यता शामिल हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट (https://bsur.bihar.gov.in) का शुभारंभ भी किया गया है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य माननीय मुख्यमंत्री के सपनों को साकार करना और खेल शिक्षा को एक नई दिशा देना है।

यह बैठक विश्वविद्यालय के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई और इसके माध्यम से बिहार खेल विश्वविद्यालय शिक्षा और खेल प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक नई पहल करने जा रहा है।

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