प्रधानमंत्री की रैली के बीच बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने दिखाई संवेदनशीलता, जाम में फंसी एंबुलेंस को खुद निकलवाया बाहर

पटना/मधुबनी, 25 अप्रैल 2025:

जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और जनसैलाब का उत्साह चरम पर था, वहीं दूसरी ओर बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने जनसेवा और संवेदनशीलता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने सभी का दिल जीत लिया।

क्या है मामला?

प्रधानमंत्री की रैली के कारण एक मुख्य मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया था। उसी दौरान एक एंबुलेंस, जो एक मरीज को लेकर अस्पताल जा रही थी, जाम में फंस गई। मरीज की हालत गंभीर थी और हर पल कीमती साबित हो सकता था। इसी बीच उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा का काफिला भी उसी मार्ग से गुजर रहा था।

मंत्री ने खुद रुकवाया काफिला

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए नीतीश मिश्रा ने अपने काफिले को तुरंत रुकवाया और खुद एंबुलेंस तक पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस और ट्रैफिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और अपनी मौजूदगी में सुनिश्चित किया कि एंबुलेंस को सुरक्षित और शीघ्र रास्ता मिले।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आम जनता से लेकर राजनीतिक विश्लेषकों तक, सभी मंत्री नीतीश मिश्रा की मानवीय सोच और तत्परता की सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे “राजनीतिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का आदर्श उदाहरण” बताया है।

एक नई राजनीतिक संस्कृति की ओर इशारा

बिहार जैसे राज्य में, जहां अक्सर नेताओं पर जनता से दूरी बनाए रखने के आरोप लगते हैं, वहां नीतीश मिश्रा जैसे नेता का यह कदम सकारात्मक बदलाव और नई राजनीतिक संस्कृति की ओर इशारा करता है। इससे यह साबित होता है कि राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच भी सेवा और संवेदना की भावना जिंदा रखी जा सकती है।

कौन हैं नीतीश मिश्रा?

नीतीश मिश्रा, झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और वर्तमान में बिहार सरकार में उद्योग मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे पर्यटन मंत्री रह चुके हैं। वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र हैं, जो अभिभाजित बिहार में मुख्यमंत्री रह चुके थे।

  • ये भी पढ़े..

    लोदीपुर में तेज रफ्तार बाइक का कहर, सड़क पार कर रहे मजदूर की टांग टूटी, अस्पताल में भर्ती

    Share Add as a preferred…

    बिहार के तीन पारंपरिक उत्पादों को मिला GI टैग, मुख्यमंत्री ने कहा- वैश्विक पहचान की ओर बढ़ा राज्य का सांस्कृतिक गौरव

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *