मनोज बैठा ने दिया बड़ा बयान कहा-बिहारी युवाओं को मजदूर बनाकर…

NDA सरकार 20 वर्षों से बिहार के युवाओं को ठग रही है। रोजगार, शिक्षा, खेलकूद, डोमिसाइल हर मोर्चे पर बिहार के युवाओं को धोखा दे रही है भाजपा-जदयू सरकार- अमित विक्रम, प्रदेश प्रवक्ता, जन सुराज पार्टी बिहार के युवाओं की हकमरी कर गुजरात और महाराष्ट्र का हो रहा है विकास; बिहारी युवाओं को मजदूर बनाकर रखना चाहती है भाजपा- मनोज बैठा, प्रदेश प्रवक्ता, जन सुराज पार्टी

पटना। जन सुराज पार्टी के प्रवक्ता मनोज बैठा और अमित विक्रम ने आज पटना में बिहार के युवाओं से जुड़े शिक्षा, रोजगार, डोमिसाइल आदि मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर NDA सरकार के झूठ को उजागर किया। शिक्षा विभाग में 3 लाख नौकरियों का झूठ का पर्दाफाश करते हुए कहा कि तीन चरणों में हुई शिक्षक बहाली में सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक कुल 2,68,548 शिक्षकों की बहाली हुई इनमें से प्रथम चरण में 1,20,336 द्वितीय चरण में 96,823 और तृतीय चरण में 51,389। इसमें से हमारे सूत्रों से प्राप्त ठोस जानकारी के आधार पर हम यह दावा कर रहे हैं की लगभग 2,68,000 में से करीब एक तिहाई डोमिसाइल हटाने की वजह से बिहार से बाहर के राज्यों के अभ्यर्थी यहां शिक्षक के तौर पर बहाल हो गए। यह आंकड़ा लगभग 80 से 90 हज़ार के करीब है। इसके बाद इसमें बड़ा आंकड़ा वैसे शिक्षकों का है जो पहले से ही नियोजित शिक्षक थे वह राज्य कर्मी बने के प्रलोभन में या जूनियर कक्षाओं से सीनियर कक्षाओं में जाने के उद्देश्य से बीपीएससी की परीक्षा पास कर गए यह आंकड़ा भी लगभग 90 हजार है। यानी कि लगभग 2,70,000 में से 1,80,000 या तो बाहरी हैं या वैसे लोग हैं जो पहले से ही शिक्षक थे। कुल मिलाकर के 80 से 90 हजार मात्र बिहार के युवाओं को नौकरी मिली है। इसमें भी बड़ी संख्या में आवासीय और आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा करवा कर अन्य राज्य के लोग यहां शिक्षक बन गए हैं। यह आंकड़ा भी संभावित 10 हजार के करीब हो सकता है। अगर इसकी सही से जांच हो तो पता चलेगा बिहार के मात्र 60 से 70 हजार लड़के लड़कियों को ही नौकरी मिली है। सरकार को चाहिए कि पूरी शिक्षक बहाली पर एक श्वेत पत्र जारी करें और कितने बिहारी को नई नौकरी मिली है इसका खुलासा करें।

इसके साथ ही औद्योगिकरण और रोजगार सृजन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 2015 में ही प्रधानमंत्री मोदी जी ने घोषणा की थी कि बांका में वो हजार करोड़ रुपए से अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट लगेगा। लेकिन हमारा सवाल है कहां है पावर प्रोजेक्ट कहां गए वह 20 हजार करोड़ रुपए? इसके बाद शाहनवाज जी जब 2022 में उद्योग मंत्री थे उन्होंने कहा कि बिहार में खुलेगा पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क। जमीन भी चिन्हित हो गई है। कहां गया वह टेक्सटाइल पार्क? जमीन निगल गई या आसमान खा गया? पूरे देश में सात टेक्सटाइल पार्क बने हैं। केंद्रीय कपड़ा मंत्री बिहार के ही हैं माननीय गिरिराज सिंह जी। खुद अपने राज्य में एक टेक्सटाइल पार्क नहीं ला सके। क्यों वोट दे बिहार के लोग उनको? एक टेक्सटाइल पार्क लग जाने से 1 लाख युवाओं को रोजगार मिलता। लेकिन नहीं वह नहीं देना है बिहार के युवाओं को। बिहार के युवा बिहार में ही रोजगार करेंगे तो फिर सूरत और मुंबई के फैक्ट्री में कौन काम करेगा। बुलेट ट्रेन भी गुजरात में, टेक्सटाइल पार्क भी गुजरात में, स्टेडियम भी गुजरात में, सारा अच्छा कॉलेज, विश्वविद्यालय भी गुजरात में, तो फिर बिहार का लड़का क्या करेगा?

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