भागलपुर : नवगछिया के भवानीपुर काली मंदिर के समीप विवाद में हुई गोलीबारी,दो की मौत

भागलपुर : नवगछिया के रंगरा थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव में गुरुवार रात दस बजे आपसी विवाद में हुई मारपीट और गोलीबारी की घटना में दोनों पक्षों के एक-एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान भवानीपुर गांव के सोनू कुमार उर्फ शुभम और करण पोद्दार के रूप में हुई है। घटना के बाद से भवानीपुर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

एसपी के निर्देश पर कई थानों की पुलिस गांव में कैंप कर रही है। पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार गोलीबारी की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को दोनों युवक घायल अवस्था में मिले। पुलिस ने गोली लगने से जख्मी दोनों युवकों को पहले अनुमंडल अस्पताल नवगछिया पहुंचाया। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को मायागंज अस्पताल भागलपुर रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान दोनों युवकों की मौत हो गई। एसडीपीओ ओमप्रकाश ने बताया कि दोनों की इलाज के दौरान मौत हुई है। घटना की वजह का पता लगाया जा रहा है। रंगरा थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार के नेतृत्व में छानबीन की जा रही है। परिजनों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बातचीत के दौरान बढ़ी बात और होने लगी फायरिंग

गांव वालों की मानें तो करण एवं शुभम के बीच जमीन को लेकर पिछले कई महीने से विवाद चल रहा था। गुरुवार रात दोनों काली स्थान की मेढ़ पर बैठे थे और बात कर रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया और दोनों के बीच मारपीट होने लगी। चर्चा इस बात की भी है कि मारपीट और फायरिंग में दोनों युवकों के अलावा कुछ और लोग भी शामिल थे। हालांकि पुलिस जांच में ही यह स्पष्ट हो पाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि शुभम तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसके पिता की छह माह पहले मौत हो गई थी।

रंगरा थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव में गुरुवार देर रात हुई गोलीबारी की घटना में जान गंवा बैठे शुभम की मौत के बाद बालकृष्ण का वंश खत्म हो गया। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। मायागंज अस्पताल में शुभम की लाश के पास उसकी मां हेमलता कुमारी और बहन सारिका कुमारी दहाड़ मारकर रोने लगी। परिजनों ने बताया कि शुभम मां हेमलता से खाना मांगा और खाने के बाद कहा था कि 10 मिनट के अंदर काली मंदिर पर से लौटकर आता हूं। लेकिन थोड़ी देर के बाद ही मां को पुत्र की गोली लगने से मौत की खबर मिली।

इधर, मायागंज अस्पताल परिसर में भवानीपुर के दर्जनों लोग रात तक आते रहे। डॉक्टर की टीम देर रात तक दोनों शव में कितनी गोलियां लगी है, इसको चिह्नित करने में जुटे रहे। शुभम के पिता की मौत छह माह पूर्व हो गई थी।

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