भारत में 31 या 1 अप्रैल, किस दिन मनाई जाएगी ईद, कब होंगे चांद के दीदार?

रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है और यह मुसलमानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह में अल्लाह की इबादत करने के लिए रोजा रखा जाता है। रमजान का महीना विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी महीने में पैगंबर मोहम्मद साहब को कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था। इस कारण से इसे रमजान के रूप में मनाने की परंपरा है।

रमजान में रोजा रखने के दौरान मुसलमान सांसारिक सुखों और फिजूलखर्ची से बचते हुए दान करते हैं। इस पवित्र माह के अंत में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है, जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है। यह त्योहार रमजान के 30 दिन पूरे होने के बाद मनाया जाता है, और इसमें लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।

रमजान के दौरान तरावीह की नमाज भी अदा की जाती है, जिसे बहुत महत्व दिया जाता है। इस माह में हर नेकी का बदला अल्लाह खुद देते हैं और एक फर्ज नमाज का सवाब (पुण्य) 70 गुना अधिक मिलता है। रमजान का महीना अल्लाह का महीना माना जाता है और इसमें रोजा रखना हर सेहतमंद मुसलमान पर फर्ज है।

इस साल 2 मार्च को रमजान का पवित्र महीना शुरू हुआ था, और अब यह अंतिम दिनों की ओर बढ़ रहा है। ईद-उल-फितर की सही तारीख चांद के दीदार पर निर्भर करती है। यदि शव्वाल का चांद 30 मार्च की रात को दिखाई देता है, तो ईद 31 मार्च, सोमवार को मनाई जाएगी। अगर चांद 31 मार्च की रात को दिखाई देगा, तो ईद 1 अप्रैल को होगी। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, ईद-उल-फितर रमजान की समाप्ति और शव्वाल महीने के पहले दिन मनाई जाती है।

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