तालाब मात्स्यिकी योजना की समीक्षा: बिहार में मत्स्य पालन के विस्तार पर जोर

निदेशक मत्स्य, बिहार की अध्यक्षता में गुरुवार को विकास भवन, नया सचिवालय स्थित कार्यालय में राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित मत्स्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु एक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया।  उन्होंने बैठक के दौरान बक्सर, कैमूर, नवादा, जहानाबाद, मधेपुरा, भोजपुर, सारण, गोपालगंज एवं गया जिलों में संचालित योजनाओं के कार्यान्वयन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना की प्रगति

राज्य योजना के अंतर्गत संचालित “तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना” की समीक्षा की गई। इस योजना में जिलावार प्रगति संतोषजनक रही है। बक्सर में 3.57 हेक्टेयर, कैमूर में 13.08 हेक्टेयर, नवादा में 10.00 हेक्टेयर, जहानाबाद में 6.73 हेक्टेयर, मधेपुरा में 2.50 हेक्टेयर, गया में 13.09 हेक्टेयर, भोजपुर में 6.00 हेक्टेयर, सारण में 6.29 हेक्टेयर तथा गोपालगंज में 1.78 हेक्टेयर में तालाब निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं। यह प्रगति मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत कई घटकों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कम राशि व्यय की गई है, अतः जल्द से जल्द अपने लक्ष्य को पूरा करें। उन्होंने इस दिशा में अधिक सजगता एवं सक्रियता के साथ कार्य करने की आवश्यकता बताई। हालांकि, कई जिलों ने योजना के तहत सराहनीय कार्य किए हैं। बक्सर में 3.97 हेक्टेयर, कैमूर में 24.95 हेक्टेयर, नवादा में 8.11 हेक्टेयर, जहानाबाद में 11.81 हेक्टेयर, मधेपुरा में 18.35 हेक्टेयर, भोजपुर में 25.62 हेक्टेयर तथा सारण में 11.91 हेक्टेयर में नया तालाब, रियरिंग तालाब निर्माण एवं उन्नत इन्पुट योजना के कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए गए हैं। बैठक का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के अंतर्गत संचालित योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा करना एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।

निर्देश एवं भावी कार्ययोजना

समीक्षा के पश्चात निदेशक द्वारा सभी जिला मत्स्य पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने जिलों में लक्ष्यानुसार आवेदन सृजित करें तथा जिला स्तरीय चयन समिति के माध्यम से त्वरित चयन प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यादेश निर्गत करें। साथ ही, उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी संभव है जब जिलास्तर पर समर्पित प्रयास हों एवं लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ प्राप्त हो।

इस बैठक में बक्सर, कैमूर, नवादा, जहानाबाद, मधेपुरा, भोजपुर, सारण, गोपालगंज एवं गया जिलों के जिला मत्स्य पदाधिकारी, उप निदेशक मत्स्य, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी, मत्स्य विकास पदाधिकारी, परियोजना समन्वयक एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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