नमामि गंगे प्रोजेक्ट में लापरवाही! पटना में 20 फीट गड्ढे में गिरा बच्चा, ठेकेदार पर 5.5 करोड़ का जुर्माना

पटना के राजीव नगर में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत की जा रही खुदाई अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। शहर को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने के मकसद से केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, लेकिन ठेकेदारों और संबंधित कंपनियों की लापरवाही से स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मंगलवार को इसी लापरवाही का खामियाजा एक मासूम को भुगतना पड़ा, जब एक ई-रिक्शा 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई और उसमें सवार बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।

गड्ढे में समाई ई-रिक्शा, बाल-बाल बची जान

राजीव नगर रोड नंबर 23 पर नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए महीनों से खुदाई जारी है। इसी के तहत एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसे बिना किसी सुरक्षा उपाय के खुला छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस गड्ढे में पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मंगलवार को जब एक ई-रिक्शा वहां से गुजरी, तो अचानक असंतुलित होकर सीधे गड्ढे में जा गिरी। ई-रिक्शा में सवार शानू नामक बच्चा बुरी तरह घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

लापरवाही पर कंपनी पर 5.5 करोड़ का जुर्माना

घटना के बाद प्रशासन ने इस मामले की जांच की, तो पाया गया कि ठेकेदारों की लापरवाही के कारण हादसा हुआ है। बुडको के एचडी अनिमेष कुमार पाराशर ने कार्रवाई करते हुए प्रोजेक्ट का काम देख रही कंपनी पर 5.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। इतना ही नहीं, बुडको अब इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की भी तैयारी कर रहा है, क्योंकि तय समय सीमा के बावजूद प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है।

राजीव नगर में अघोषित आपदा जैसी स्थिति

स्थानीय लोगों का कहना है कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के नाम पर पूरे इलाके में अराजकता की स्थिति बनी हुई है। सड़कों की खुदाई करके छोड़ दी जाती है और महीनों तक काम नहीं होता। इस वजह से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

राजीव नगर निवासी नवीन कुमार ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “लोगों को आने-जाने में बहुत परेशानी हो रही है। हमने कई बार प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों से गुजारिश की कि काम जल्दी पूरा करें, लेकिन हर बार लेबर की कमी या छुट्टी का बहाना बना दिया जाता है। इसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।”

प्रवीण कुमार ने भी इलाके की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई और कहा, “यहां की सड़कों को एक के बाद एक खोद दिया गया है। एक जगह का काम पूरा किए बिना दूसरी जगह खुदाई कर दी जाती है। हालत यह है कि 100 मीटर की दूरी तय करने में आधे घंटे से ज्यादा लग जाता है। टू-व्हीलर पर चलना तक मुश्किल हो गया है।”

कौन है जिम्मेदार?

राजीव नगर में एटीपी कनेक्शन के लिए वीए टेक वाबाग लिमिटेड नाम की कंपनी को पाइपलाइन विस्तार का ठेका दिया गया है। लेकिन कंपनी की सुस्त कार्यप्रणाली और अव्यवस्थित कामकाज से आम जनता की परेशानी बढ़ती जा रही है। बुडको के अधिकारियों का कहना है कि इस लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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