बोधगया के महाबोधि मंदिर परिसर से 2 लोग गिरफ्तार, जानिए किस आरोप में पुलिस ने किया अरेस्ट

बिहार के गया जिले में महाबोधि मंदिर परिसर से पांच पांडव मंदिर के भीतर रखी धार्मिक पुस्तक लेकर भागने का प्रयास करने के आरोप में पुलिस ने मंगलवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं दोनों
यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर स्थल महाबोधि मंदिर बोधगया में स्थित है और यह मंदिर बौद्धों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किये गये दोनों लोग उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले हैं और उन्हें जेल भेज दिया गया है। यह घटना शहर में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच हुई। प्रदर्शनकारी बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं और इस बात पर जोर दे रहे हैं कि बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति के सभी सदस्य बौद्ध हों। महाबोधि मंदिर प्रबंध कारिणी समिति (बीटीएमसी) इस मंदिर के प्रबंधन का जिम्मा संभालती है। वर्तमान में समिति में चार हिंदू और चार बौद्ध सदस्य हैं तथा गया के जिलाधिकारी इसके अध्यक्ष हैं। यह व्यवस्था अधिनियम के अनुसार 1949 से लागू है।

जानिए गया DM  ने क्या कहा
गया के जिलाधिकारी सह समिति अध्यक्ष त्यागराजन एसएम ने मंगलवार को हुए घटना पर संवादददाताओं को बताया, ‘‘दो लोग अचानक महाबोधि मंदिर परिसर के अंदर पांच पांडव मंदिर में घुस गए और वहां रखी एक धार्मिक पुस्तक लेकर भागने की कोशिश की। दोनों नारे भी लगा रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया।” अधिकारी ने बताया कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित वह तुरंत मौके पर पहुंचा और हालात पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बाद में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया।

मंदिर परिसर में बढ़ाई सुरक्षा
अधिकारी ने बताया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गयी है। यह पूछे जाने पर कि क्या आरोपी बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों में से थे, जिसपर अधिकारी ने बताया, ‘‘उन्होंने इसी तरह के नारे लगाए, लेकिन वे भिक्षु नहीं हैं।” उन्होंने बताया कि हर किसी को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है पर किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अधिकारी ने बताया कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि महाबोधि मंदिर परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी भी लगाए जा रहे हैं।

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