परंपरागत खेती को छोड़ बागवानी से मालामाल हुए किसान, सरकार ने किया सम्मानित

बिहार में कृषि और मत्स्य पालन को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने आज समस्तीपुर के प्रगतिशील किसान संजय कुमार को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। संजय कुमार ने पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक बागवानी अपनाई और केला, नींबू, पपीता, बेर, बेल और अमरूद जैसी फसलों की खेती कर अपनी आमदनी में जबरदस्त वृद्धि की। कृषि सचिव ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए क्लस्टर आधारित बागवानी योजना, छत पर बागवानी योजना, स्ट्रॉबेरी विकास योजना और फल विकास योजना जैसी योजनाएं चला रही है। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़े और जल संरक्षण के साथ अधिक मुनाफा हो।

मत्स्य क्षेत्र के विकास पर जोर

इसी क्रम में मत्स्य निदेशालय, बिहार द्वारा विकास भवन, पटना में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न मत्स्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मत्स्य निदेशक ने सुपौल, सिवान, रोहतास, पटना, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और बांका के जिला मत्स्य पदाधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और निर्देश दिया कि मत्स्य पालन के सतत विकास के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत इन जिलों में तालाब निर्माण और उन्नत इनपुट योजनाओं पर काम हो रहा है, जिससे मत्स्य पालन को बढ़ावा मिल रहा है। बैठक में पाया गया कि कुछ क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार धनराशि का उपयोग नहीं हो पाया है, जिससे योजनाओं की उपलब्धि प्रभावित हुई है। इस पर निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द लाभार्थियों का चयन कर योजनाओं को समय पर पूरा करें। बिहार सरकार कृषि और मत्स्य क्षेत्र में नई तकनीकों और योजनाओं को बढ़ावा देकर किसानों और मछली पालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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