बिहार में आएगी नौकरियों की बहार, कृषि विभाग में जल्द होगी एक हजार पदों पर बहाली

पटना: बिहार के कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि विभाग में रिक्त पड़े एक हजार नए पदों को यथाशीघ्र भरा जाएगा और दो हजार अतिरिक्त नई बहालियों का विज्ञापन जल्द ही निकाला जाएगा। पांडेय ने सोमवार को कृषि भवन सभागार में कृषि विभाग के 28 सहायक निदेशक स्तर के पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने की।

‘विभाग में रिक्त पड़े एक हजार नए पदों को यथा-शीघ्र भरा जाएगा’

कार्यक्रम के दौरान पांडेय ने कहा कि विभाग में रिक्त पड़े एक हजार नए पदों को यथा-शीघ्र भरा जाएगा और दो हजार अतिरिक्त नई बहालियों का विज्ञापन विभिन्न पदों के लिए जल्द ही निकाला जाएगा। विभाग की कोशिश है कि हर प्रकार के सृजित पदों को भर दिया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में कृषि उन्नति कार्यक्रम चलाएं जा रहे हैं। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं को गति मिली है। आज किसानों का हित सर्वोपरी है। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में किसानों का समेकित विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की सोच है कि किसानों के विकास से ही राज्य एवं देश का संपूर्ण विकास होगा।

‘इस वर्ष 75 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा’

पांडेय ने कहा कि आज कृषि विभाग के बिहार कृषि सेवा कोटि-२ (कृषि अभियंत्रण) संवर्ग के १९ सहायक निदेशक स्तर के पदाधिकारियों एवं बिहार कृषि सेवा कोटि-५ (पौधा संरक्षण) संवर्ग के नौ सहायक निदेशक स्तर के राजपत्रित पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिया गया, जो अपनी क्षमता का प्रदर्शन कृषि विभाग की बेहतरी एवं किसानों की उन्नति के लिए करेंगे। उन्होंने कहा कि पौधा संरक्षण के नवनियुक्त सहायक निदेशक से मेरी अपेक्षा होगी कि आप किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिये जैविक उपायों के लिए प्रेरित करें। राज्य में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट-व्याधियों तथा रोगों से बचाव के लिए किसानों को अनुशंसित मात्रा में उपादानों के उपयोग के बारे में जानकारी देंगे। वहीं राज्य सरकार की ओर से फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए इस वर्ष 75 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है।

‘पदाधिकारियों की नियुक्ति से कृषि विभाग को और अधिक बल मिलेगा’

मंत्री ने कहा कि विगत वर्षों से राज्य के कुछ जिलों में फसल कटनी के उपरांत फसल अवशेषों को खेतों में जलाने की प्रवृति बढ़ी है, जबकि अवशेषों के प्रबंधन कर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। फसल अवशेष प्रबंधन में कृषि यंत्रों की महती भूमिका है। मेरी अपेक्षा होगी कि नवनियुक्त सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण किसानों को यंत्रों के रख-रखाव तथा उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी देंगे। आप लोग विभाग में पूरी कर्त्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदारी से कार्य कर विभाग को नये मुकाम तक ले जायेंगे। इन पदाधिकारियों की नियुक्ति से कृषि विभाग को और अधिक बल मिलेगा और भविष्य में नये कीर्तिमान स्थापित करेगा। खेत की तैयारी से लेकर फसल कटनी, दौनी और भंडारण तक की सभी क्रियाओं में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न कृषि यंत्रों का उपयोग किसान करें, इसे सुनिश्चित करना है।

पांडेय ने कहा कि किसानों के आमदनी दोगुनी करने के लिए कृषि उत्पाद का प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के लिए उपयोगी यंत्रों के बारे में किसानों को अवगत कराना आवश्यक है। इस अवसर पर कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने सभी नए सहायक निदेशकों को उनकी जिम्मेदारी निष्ठा से पूर्ण करने की अपील की और उन्हें भविष्य की शुभकामनाएं दी। कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि आप कृषि विभाग में अपने दायित्वों को निभायेगे। इस अवसर पर आलोक रंजन घोष, प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य बीज निगम, वीरेंद्र यादव, विशेष सचिव, कृषि विभाग, नितिन कुमार सिंह, कृषि निदेशक, बिहार एवं अमिताभ सिंह, आप्त सचिव, कृषि मंत्री मौजूद रहें।

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